10 देशों के प्रतिनिधियों ने देखा केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान का प्रबंधन
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भरतपुर, 13 अक्टूबर। विश्व प्रसिद्ध केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में जैव विविधता संरक्षण, पक्षियों के प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा और आर्द्रभूमि प्रबंधन के प्रयासों को समझने के लिए 10 देशों के प्रतिनिधियों का दल घना पहुंचा। अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण लेखापरीक्षा एवं सतत विकास केंद्र (आईसीईडी) के अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत आए प्रतिनिधियों ने उद्यान का भ्रमण कर यहां अपनाई जा रही संरक्षण गतिविधियों और प्रबंधन व्यवस्था की जानकारी ली। इस दौरान उन्हें पार्क प्रशासन की ओर से किए जा रहे कार्यों, सामने आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान के लिए अपनाए जा रहे उपायों से अवगत कराया गया।
उद्यान निदेशक चेतन कुमार बीवी ने बताया कि आईसीईडी की ओर से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में 10 देशों के करीब 17 प्रतिभागी शामिल हुए। केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। भ्रमण के दौरान प्रतिनिधियों को उद्यान की प्राकृतिक विशेषताओं, पारिस्थितिकी तंत्र और पक्षियों के आवासों को सुरक्षित रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई।
प्रतिनिधियों को बताया गया कि उद्यान में जैव विविधता को संरक्षित रखने और प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के लिए विभिन्न प्रबंधन गतिविधियां संचालित की जाती हैं। साथ ही, आर्द्रभूमि के संरक्षण से जुड़े विषयों और उद्यान के प्रभावी प्रबंधन के दौरान सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर भी जानकारी साझा की गई।
इस अवसर पर एक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पार्क प्रशासन की कार्यप्रणाली को विस्तार से समझाया गया। इसमें बताया गया कि संरक्षण कार्यों के दौरान सामने आने वाली समस्याओं की पहचान कैसे की जाती है और उनके समाधान के लिए किस तरह की रणनीतियां अपनाई जाती हैं। प्रतिनिधियों को संरक्षण संबंधी गतिविधियों के संचालन और प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं से भी अवगत कराया गया।
अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत आयोजित इस भ्रमण का उद्देश्य प्रतिभागियों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, आर्द्रभूमि प्रबंधन और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के व्यावहारिक अनुभवों से परिचित कराना रहा। केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण प्रतिनिधियों के लिए संरक्षण और प्रबंधन की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझने का अवसर बना।