अपराध

10 लाख रुपये मांगने और धमकी देने का आरोप, दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत

लेखक: Santosh Yogi अंतिम अपडेट: 5 अक्टूबर 2026 👁️ 11 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
10 लाख रुपये मांगने और धमकी देने का आरोप, दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत

भोपाल। शहर में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करने वाले हेमसिंह गुर्जर ने आरक्षक हेमन्त चौहान और पंकज परिहार के खिलाफ पुलिस कमिश्नर कार्यालय में शिकायत देकर 10 लाख रुपये मांगने और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के मुताबिक 18 सितंबर 2026 की रात आरक्षक हेमन्त चौहान ने कथित तौर पर व्हाट्सऐप कॉल के जरिए हेमसिंह गुर्जर से 10 लाख रुपये की मांग की और जमीन की डील को लेकर दबाव बनाया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरक्षक ने उसे जमीन की डील अपने पार्टनर बताए जा रहे संजय राजावत से नहीं करने और आगे की डील उसके माध्यम से ही करने के लिए कहा।

इसके बाद पंकज परिहार ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से संपर्क कर मुलाकात का दबाव बनाया। हेमसिंह गुर्जर के अनुसार, ऑफिस के पास चाय की दुकान पर हुई मुलाकात के दौरान पंकज परिहार ने 10 लाख रुपये नहीं देने पर भोपाल में काम नहीं करने देने और झूठे आपराधिक मामले में फंसाने की धमकी दी।

शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि दोनों व्यक्तियों के खिलाफ पूर्व में आपराधिक प्रकरण दर्ज रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि शिकायत के आधार पर नहीं हुई है।

हेमसिंह गुर्जर ने पुलिस कमिश्नर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा आरक्षक हेमन्त चौहान और पंकज परिहार के खिलाफ कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि कथित धमकियों के कारण वह मानसिक और आर्थिक दबाव में है।

पुलिस अधिकारियों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच के बाद ही लगाए गए आरोपों की वास्तविकता और मामले में किसी की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

भोजपुरी में यह खबर भोपाल के एक प्रॉपर्टी डीलर, हेमसिंह गुर्जर द्वारा दो पुलिस अधिकारियों, आरक्षक हेमन्त चौहान और पंकज परिहार पर 10 लाख रुपये मांगने और धमकी देने के आरोपों पर आधारित है। यह घटना पुलिस के भीतर भ्रष्टाचार और दुराचार के दावे को उजागर करती है, जिससे सार्वजनिक विश्वास पर असर पड़ सकता है। अगर जांच में इन आरोपों की पुष्टि होती है तो पुलिस के आचरण पर सख्त सुधार की माँग बढ़ेगी। इससे नागरिकों का पुलिस पर भरोसा कम हो सकता है और कानून व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए दबाव बढ़ सकता है।

🎙️ जनता का संदेश का मत

सभी को याद दिलाना चाहेंगे कि जब भी किसी विवाद या अनुचित मांग का सामना हो, तो शांतिपूर्ण और कानूनी मार्ग अपनाना सबसे बेहतर है। शिकायत दर्ज कर, साक्ष्य जमा कर और न्यायिक प्रक्रिया चलाना न केवल अपराध को रोकता है, बल्कि समाज में विश्वास भी बढ़ाता है। किसी भी प्रकार के डर या धमकी से बचने के लिए हमेशा अपने अधिकारों और कानून की सहायता लें।

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Santosh Yogi

संतोष योगी भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं जो भोपाल जिला एवं आसपास की घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं।