12 लाख रुपए लूटने होटल कर्मचारी पर चाकू से हमला:बैग पर वार लगने से टली बड़ी वारदात, हमला कर बाइक सवार दोनों बदमाश फरार
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →खंडवा के पंधाना रोड पर मंगलवार को होटल कर्मचारी से 12 लाख रुपए लूटने की कोशिश का मामला सामने आया है। बाइक सवार दो बदमाशों ने पहले कर्मचारी को रोकने की कोशिश की। वह नहीं रुका तो बदमाशों ने पीछा कर चलती बाइक पर चाकू से हमला किया और रुपयों से भरा बैग छीनने का प्रयास किया। कर्मचारी के विरोध और चाकू बैग में लगने से बदमाश सफल नहीं हो सके।
दोनों बाइक से फरार हो गए। बैंक से 12 लाख रुपए लेकर होटल जा रहा था कर्मचारी इंदौर रोड स्थित होटल शगुन का कर्मचारी निश्चल भाटी मंगलवार को मानसिंग मिल तिराहे के पास स्थित आईसीआईसीआई बैंक गया था। बैंक से उसने 12 लाख रुपए निकाले और रकम बैग में रखकर बाइक से पंधाना रोड की ओर होटल जा रहा था।
इसी दौरान बाइक सवार दो युवकों ने उसका पीछा शुरू कर दिया। पेट्रोल पंप के पास चाकू से किया हमला निश्चल के अनुसार, बदमाशों ने रास्ते में उसकी बाइक रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं रुका। छोटी आबना नदी के आगे त्रिमूर्ति पेट्रोल पंप के पास दोनों ने फिर उसे रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान एक बदमाश ने चाकू से हमला किया और रुपयों से भरा बैग छीनने की कोशिश की।
चाकू बैग पर लग गया। निश्चल ने बैग बचाने के लिए विरोध किया, जिसके बाद दोनों बदमाश मौके से भाग निकले। CCTV में पीछा करते दिखे दोनों युवक घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी प्रवीण आर्य पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कर्मचारी से जानकारी लेने के बाद बैंक, मॉल और घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली।
पुलिस को एक फुटेज में बाइक सवार दो युवक कर्मचारी का पीछा करते दिखाई दिए हैं। फुटेज के आधार पर पुलिस उनकी पहचान करने में जुटी है। पुलिस बोली- लूट के प्रयास का मामला सीएसपी अभिनव बारंगे ने बताया कि मामला लूट के प्रयास का है। CCTV फुटेज जुटाए गए हैं और आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
पहचान होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ जनता का संदेश का मत
हिंसा का कोई रास्ता नहीं होता। जब धन की लालसा अपराध की ओर ले जाती है, तो कानून और समाज की सहायता से समाधान ढूंढना चाहिए। संघर्ष के समय शांति, संवाद और न्यायिक मार्ग अपनाने से न केवल अपराध रोका जा सकता है, बल्कि समाज में विश्वास भी बढ़ता है। पीड़ित को सहारा दें, उसकी हिम्मत को सराहें, और सभी को याद दिलाएँ कि सच्ची जीत अपराध से नहीं, बल्कि न्याय और सहानुभूति से होती है।