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14 से 25 सितंबर तक गणेश उत्सव:हरतालिका तीज, गणेश चतुर्थी और सोमवार के योग में करें शिव परिवार की पूजा, जानिए इस कौन-कौन से शुभ काम करें

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 12 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
14 से 25 सितंबर तक गणेश उत्सव:हरतालिका तीज, गणेश चतुर्थी और सोमवार के योग में करें शिव परिवार की पूजा, जानिए इस कौन-कौन से शुभ काम करें

भगवान गणेश का प्रकट उत्सव यानी गणेश चतुर्थी इस बार 14 सितंबर, सोमवार को है। गणेश पूजा का यह उत्सव 25 सितंबर तक रहेगा। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 14 सितंबर की सुबह करीब 7.06 बजे से शुरू होकर 15 सितंबर की सुबह करीब 7.44 बजे तक रहेगी। समय में अलग-अलग पंचांगों में स्थान के अनुसार कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है।

इस साल हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी दोनों व्रत-पर्व एक ही दिन यानी 14 सितंबर को मनाए जाएंगे। इस बार गणेश चतुर्थी सोमवार को पड़ रही है। सोमवार के स्वामी भगवान शिव माने गए हैं और चतुर्थी तिथि के स्वामी भगवान गणेश हैं। ऐसे में गणेश जी के साथ शिव जी के भक्तों के लिए इस दिन का विशेष महत्व है।

मान्यता है कि गणेश पूजा से बुद्धि, विवेक, सुख-समृद्धि और कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। गणेश चतुर्थी पर घर में करें ये शुभ काम 14 सितंबर को सबसे पहले घर की साफ-सफाई कर पूजा स्थल को पवित्र करें। घर के मंदिर में पूजा की चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं। पूजा घर को गंगाजल या स्वच्छ जल से शुद्ध करने की परंपरा है।

इस स्थान पर गणेश प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद दीपक जलाकर गणेश जी का आवाहन करें और परिवार की सुख-शांति, आरोग्य, बुद्धि और समृद्धि की कामना से गणेश पूजा करने के लिए संकल्प लें। पूजा में सिंदूर, हल्दी, कुमकुम, चावल, चंदन, फूल, दूर्वा, धूप, दीप, फल और मोदक खासतौर पर चढ़ाना चाहिए। इस दिन पूजा-पाठ के साथ ही जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र, जूते-चप्पल, खाना और अपने सामर्थ्य के अनुसार धन का दान करना चाहिए।

घर में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने के लिए गणेश मंत्र जप, गणेश अथर्वशीर्ष, गणेश स्तुति या आरती का पाठ किया जा सकता है। सोमवार, हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी के योग में शिव परिवार यानी गणेश जी, माता पार्वती, भगवान शिव और कार्तिकेय स्वामी का विशेष अभिषेक करें। शिवलिंग पर चंदन का लेप करें।

माता पार्वती को लाल चुनरी, लाल चूड़ियां, कुमकुम, बिंदी आदि सुहाग की चीजें चढ़ाएं। हार-फूल और नए वस्त्रों से श्रृंगार करें। मिठाई, मौसमी फल का भोग लगाएं। धूप-दीप जलाकर आरती करें। पूजा में ऊँ नम: शिवाय, ॐ उमामहेश्वराभ्यां नमः, श्री गणेशाय नम: मंत्र का जप करें। गणेश जी को क्या चढ़ाएं?

भगवान गणेश की पूजा में हरी और ताजी दूर्वा चढ़ाना शुभ माना जाता है। भगवान को लाल फूल, विशेषकर गुड़हल, लाल चंदन, सिंदूर और लाल या पीले वस्त्र अर्पित किए जाते हैं। पूजा में शमी के पत्ते भी चढ़ाएं। भोग में मोदक, लड्डू, फल, नारियल और अन्य मिठाइयां रखी जा सकती हैं। गणेश पूजा में तुलसी दल नहीं रखना चाहिए।

📡 स्रोत: NewsData.io

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