150 युवा उद्यमी बोले-नियम मानेंगे, प्रदूषण रोकेंगे
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →पिछले एक वर्ष से गंभीर संकट से जूझ रही पाली की टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए मंगलवार को शहर के 150 से अधिक युवा उद्यमी एकजुट हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य टेक्सटाइल उद्योग को सुप्रीम कोर्ट के व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों का पालना करते हुए सुचारु करना था। राजस्थान टेक्सटाइल हैंड प्रोसेसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय बंब ने बताया कि "नदी में प्रदूषित पानी की एक बूंद भी नहीं जानी चाहिए।
युवा उद्यमी बुधवार को सुबह 10.30 बजे तकनीकी विशेषज्ञों के साथ जेडएलडी प्लांट का निरीक्षण करेंगे। बैठक में सीईटीपी फाउंडेशन के सचिव संदीप मेहता, उपाध्यक्ष किशोर बाहेती, कोषाध्यक्ष राहुल मेहता, मंडिया रोड एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश अखावत भी मौजूद रहे। 1.
प्लांट का अपग्रेडेशन : प्रदूषित पानी को ट्रीटमेंट प्लांट में ट्रीट करने की व्यवस्था को आधुनिक व वैज्ञानिक तकनीक से अपग्रेड किया जाए। इसके लिए बुधवार को विशेषज्ञों के साथ जेडएलडी प्लांट का निरीक्षण कर क्षमता, वर्तमान स्थिति, अपग्रेडेशन की जरूरतों पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। 2. 40 साल का एक्शन प्लान : पुराने तरीके से समाधान के बजाय अगले 30 से 40 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर पारदर्शी ढंग से संचालन व प्रभावी मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया जाएगा। प्रदूषित पानी को वैज्ञानिक तरीके से ट्रीट कर उसका फैक्ट्रियों में सप्लाई कर उसका वापस उपयोग किया जाएगा। 3.
युवाओं को मिली कमान : नई तकनीकों को अपनाने और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइंस के पालन के लिए युवा उद्यमियों की सक्रिय भागीदारी तय की गई। { संकट का मुख्य कारण : बांडी नदी में प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट, एनजीटी और राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सख्ती के कारण सैकड़ों इकाइयां बंद पड़ी हैं।
कुछ क्षमता से कम पर चल रही हैं। {क्या है जेडएलडी तकनीक : ट्रीटमेंट प्लांट सिस्टम है, जिसमें फैक्ट्रियों का प्रदूषित पानी शत प्रतिशत तक ट्रीटमेंट कर उसे वापस प्रोसेसिंग में इस्तेमाल कर लिया जाता है। {आर्थिक महत्व व रोजगार : इस उद्योग से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 1 लाख से अधिक लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है।
उद्योग बंद रहने से स्थानीय अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है।
📡 स्रोत: NewsData.io