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18 साल बाद प्रबंध नगर योजना का रास्ता साफ:लारा कोर्ट ने 1.10 करोड़ रुपए प्रति बीघा प्रतिकर तय किया, एलडीए की कमेटी 15 दिन में देगी खर्च की रिपोर्ट

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 1 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
18 साल बाद प्रबंध नगर योजना का रास्ता साफ:लारा कोर्ट ने 1.10 करोड़ रुपए प्रति बीघा प्रतिकर तय किया, एलडीए की कमेटी 15 दिन में देगी खर्च की रिपोर्ट

लखनऊ विकास प्राधिकरण की करीब 18 साल से अटकी प्रबंध नगर आवासीय योजना को अब धरातल पर उतारने की तैयारी शुरू हो गई है। भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापना प्राधिकरण (लारा कोर्ट) ने योजना में भूमि के प्रतिकर की नई दर 1 करोड़ 10 लाख 71 हजार रुपए प्रति बीघा तय कर दी है। मुआवजे की दर को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद खत्म होने के बाद एलडीए ने योजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बुधवार को संयुक्त सचिव अरविंद उपाध्याय की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की है। कमेटी नई प्रतिकर दर के आधार पर योजना पर पड़ने वाले अतिरिक्त खर्च और संभावित आय का आकलन करेगी। उसे 15 दिन में रिपोर्ट देनी होगी। रिपोर्ट के आधार पर योजना का प्रस्ताव एलडीए बोर्ड के सामने रखा जाएगा।

बोर्ड की मंजूरी के बाद योजना को विकसित करने की आगे की कार्रवाई होगी। 2008 में प्रस्तावित हुई थी 2000 एकड़ की योजना प्रबंध नगर योजना को एलडीए ने वर्ष 2008 में हरदोई-सीतापुर रोड और आईआईएम रोड के आसपास प्रस्तावित किया था। करीब 2,000 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली इस योजना में भूमि अधिग्रहण, मुआवजे की दर और कानूनी विवादों के कारण काम आगे नहीं बढ़ सका।

अब लारा कोर्ट द्वारा प्रतिकर की नई दर तय किए जाने के बाद योजना के विकास का रास्ता खुला है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कहा कि पिछले दो वर्षों में अनंत नगर, नैमिष नगर और वरुण विहार जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाया गया है। इसी क्रम में अब प्रबंध नगर योजना को भी विकसित किया जाएगा। योजना के तैयार होने से शहर के पूर्वी हिस्से में आवासीय के साथ व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

तीन गांवों की 840 हेक्टेयर जमीन शामिल प्रबंध नगर योजना में घैला, ककौली और अल्लूनगर डिगुरिया गांवों की कुल 840.892 हेक्टेयर भूमि शामिल है। योजना के लिए भूमि अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है। अब लारा कोर्ट द्वारा तय नई दर के आधार पर संबंधित किसानों को मुआवजे का भुगतान किया जाएगा। हाईकोर्ट में लंबित मामलों पर भी लेनी होगी अनुमति एलडीए सचिव सुशील प्रताप सिंह के मुताबिक, कमेटी बढ़ी हुई प्रतिकर राशि से प्राधिकरण पर पड़ने वाले वित्तीय भार का आकलन करेगी।

इसके बाद बोर्ड से मंजूरी लेकर योजना का काम आगे बढ़ाया जाएगा। योजना में शामिल कुछ गाटों से जुड़े मामले हाईकोर्ट में लंबित हैं। इन मामलों में न्यायालय से आवश्यक अनुमति भी ली जाएगी। आईआईएम रोड और ग्रीन कॉरिडोर से मिलेगी कनेक्टिविटी प्रबंध नगर में आधुनिक आवासीय ब्लॉक, व्यावसायिक क्षेत्र और हरित गलियारे विकसित करने का प्रस्ताव है।

योजना को आईआईएम रोड, ग्रीन कॉरिडोर और हरदोई-सीतापुर बाईपास से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। एलडीए के मुताबिक, योजना के विकसित होने से करीब दो लाख लोगों को आवासीय और व्यावसायिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

📡 स्रोत: NewsData.io

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