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18th BRICS Summit 2026 | रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहुंचे भारत, पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता पर टिकी दुनिया की नज़रें

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 17 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
18th BRICS Summit 2026 | रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहुंचे भारत, पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता पर टिकी दुनिया की नज़रें

वैश्विक भू-राजनीतिक हलचलों और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत की राजधानी नयी दिल्ली एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का केंद्र बन गई है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में भाग लेने और भारत के साथ व्यापारिक, रणनीतिक तथा ऊर्जा संबंधों को नई दिशा देने के लिए अपनी तीन दिवसीय ऐतिहासिक भारत यात्रा पर शुक्रवार को नयी दिल्ली पहुंचे।

पुतिन के साथ रूस का एक उच्चस्तरीय व्यापारिक और राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल भी आया है। इसे भी पढ़ें: प्रशांत किशोर का सम्राट चौधरी पर तीखा हमला! 'अनपढ़ अपराधी' के हाथों में नहीं सौंपी जा सकती बिहार की कमान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का हार्दिक स्वागत।

केंद्रीय राज्य मंत्री के.

वी.

सिंह ने हवाई अड्डे पर उनकी अगवानी की। भारत और रूस के बीच बहुआयामी और पुराने मजबूत संबंध हैं जो विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी पर आधारित हैं।’’ फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली बार होगा जब पुतिन रूस के बाहर आयोजित किसी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में स्वयं भाग लेंगे।

भारत की मेजबानी में शनिवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में खाद्य, ऊर्जा, स्वास्थ्य, आपदा जोखिम न्यूनीकरण और महत्वपूर्ण आपूर्ति शृंखलाओं के क्षेत्रों में सामूहिक क्षमता मजबूत करने पर जोर दिए जाने की संभावना है। नयी दिल्ली का प्रयास है कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों से निपटने के लिए ब्रिक्स एक प्रभावी मंच बन सके।

नयी दिल्ली में यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन की व्यापार एवं शुल्क नीतियों के प्रतिकूल प्रभावों से जूझ रही है। इसे भी पढ़ें: CEC Gyanesh Kumar का वादा, अगले Lok Sabha चुनाव से पहले सुलझेंगी नाम कटने की सभी शिकायतें चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, अबू धाबी के युवराज मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुंग समेत कई शीर्ष नेता शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।

पुतिन और मोदी के बीच विभिन्न मुद्दों पर शुक्रवार दोपहर व्यापक द्विपक्षीय वार्ता होने का कार्यक्रम है। बैठक में रक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, औषधि और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किए जाने की संभावना है। नयी दिल्ली में जुटे दुनिया के दिग्गज नेता भारत की मेजबानी में आयोजित इस शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स के नए और पुराने सदस्य देशों के राष्ट्रध्यक्षों का एक बड़ा जमावड़ा देखने को मिल रहा है: शी चिनफिंग - राष्ट्रपति, चीन मसूद पेजेश्कियान - राष्ट्रपति, ईरान सिरिल रामाफोसा - राष्ट्रपति, दक्षिण अफ्रीका प्रबोवो सुबियांतो - राष्ट्रपति, इंडोनेशिया अब्देल फतह अल-सीसी - राष्ट्रपति, मिस्र अनवर इब्राहिम - प्रधानमंत्री, मलेशिया मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान - युवराज, अबू धाबी (संयुक्त अरब अमीरात) अबी अहमद अली - प्रधानमंत्री, इथियोपिया ले मिन्ह हुंग - प्रधानमंत्री, वियतनाम नयी दिल्ली में हो रहा यह 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन न केवल विकसित और विकासशील देशों के बीच शक्ति संतुलन को पुनर्परिभाषित करेगा, बल्कि भारत की 'ग्लोबल साउथ' के नेता और मध्यस्थ के रूप में भूमिका को और मजबूत करेगा।

📡 स्रोत: NewsData.io

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