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27 साल से नवरात्र में अनूठी परंपरा, 51 आसनों पर रामायण पाठ

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 19 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
27 साल से नवरात्र में अनूठी परंपरा, 51 आसनों पर रामायण पाठ

जयपुर के सीकर रोड स्थित राधा गोविंद कॉलोनी में श्रीराम सुंदरकांड मंडल 27 साल से नवरात्र में अखंड श्रीरामचरितमानस पाठ की परंपरा निभा रहा है। महानवमी पर 51 आसनों पर संगीतमय पाठ हुआ, विजयादशमी पर पूर्णाहुति के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होगा।

जयपुर, 19 अक्टूबर। नवरात्र के दौरान राजधानी जयपुर में भक्ति और आस्था के अनेक रंग देखने को मिल रहे हैं। इसी बीच सीकर रोड स्थित राधा गोविंद कॉलोनी में पिछले 27 वर्षों से निभाई जा रही अखंड श्रीरामचरितमानस पाठ की परंपरा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनी हुई है। श्रीराम सुंदरकांड मंडल, ढेहर का बालाजी की ओर से हर वर्ष नवरात्र में इस धार्मिक आयोजन का आयोजन किया जाता है, जिसमें करीब 50 परिवारों के सैकड़ों लोग भाग लेते हैं।

इस वर्ष भी महानवमी के अवसर पर राधा गोविंद कॉलोनी स्थित मंदिर में 51 आसनों पर संगीतमय श्रीरामचरितमानस पाठ शुरू हुआ। आयोजन की खास बात यह है कि नवरात्र के दौरान प्रत्येक परिवार को पहले से निर्धारित समय के अनुसार रामायण पाठ की जिम्मेदारी दी जाती है। सभी परिवार अपनी निर्धारित ड्यूटी पूरी करते हुए प्रभु श्रीराम की आराधना करते हैं और महानवमी पर सामूहिक रूप से संगीतमय पाठ में शामिल होते हैं। मंगलवार को विजयादशमी के अवसर पर पूर्णाहुति के साथ नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होगा।

मंडल अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक हेमंत सैनी ने बताया कि आयोजन की तैयारियां नवरात्र स्थापना से पहले ही शुरू हो जाती हैं। प्रभु श्रीराम दरबार की स्थापना और महाआरती के साथ नौ दिवसीय पाठ का शुभारंभ किया जाता है। इसके बाद श्रद्धालु निर्धारित समय पर नियमित रूप से रामायण पाठ करते हैं। महानवमी पर सभी श्रद्धालु 51 आसनों पर आयोजित सामूहिक संगीतमय पाठ में भाग लेते हैं और विजयादशमी पर पूर्णाहुति की जाती है।

ढेहर का बालाजी क्षेत्र और आसपास की कॉलोनियों के करीब 50 परिवार लंबे समय से इस परंपरा से जुड़े हुए हैं। मंडल के संस्थापक सदस्यों में शामिल सुरेश शर्मा और मोहन लाल सैनी के अनुसार, नियमित रामायण पाठ की यह परंपरा वर्ष 1999 में शुरू हुई थी। तब से मंडल के सदस्य हर वर्ष नवरात्र में इस आयोजन को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं।

इस धार्मिक आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को सनातन धर्म और धार्मिक परंपराओं से जोड़ना है। साथ ही, वर्तमान समय में परिवारों के बीच बढ़ती दूरियों के बीच आपसी प्रेम, एकजुटता और पारिवारिक संस्कारों का संदेश देना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है। सामूहिक सहभागिता के माध्यम से परिवारों को एक मंच पर लाने वाली यह परंपरा क्षेत्र में धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का उदाहरण बनी हुई है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।