₹30.77 लाख करोड़ के निवेश दावे पर श्वेतपत्र जारी करे सरकार, ₹230 करोड़ के खर्च का दे हिसाब : जीतू पटवारी
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निवेश के नाम पर आंकड़ों की जादूगरी का आरोप, इन्वेस्टर्स समिट, विदेश यात्राओं और रोड शो पर हुए खर्च का मांगा मदवार विवरण
भोपाल, 4 नवंबर 2026। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर प्रदेश में ₹30.77 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों के दावे पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि सरकार इस दावे पर श्वेतपत्र जारी करे और निवेश आकर्षित करने के लिए इन्वेस्टर्स समिट, विदेश यात्राओं, रोड शो तथा प्रचार-प्रसार पर खर्च किए गए ₹230 करोड़ का मदवार हिसाब सार्वजनिक करे।
जीतू पटवारी ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के मंच से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ₹30.77 लाख करोड़ के निवेश का आंकड़ा घोषित किया था। सरकार ने इसे बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रचारित किया, लेकिन अब इस दावे की वास्तविकता और निवेश प्रस्तावों की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
₹230 करोड़ के खर्च का मांगा हिसाब
पटवारी ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि मार्च 2024 से नवंबर 2025 के बीच निवेश आकर्षित करने और उसके प्रचार-प्रसार पर लगभग ₹230 करोड़ खर्च किए गए। उनके अनुसार, इसमें निवेश सम्मेलनों पर ₹186.64 करोड़, मुख्यमंत्री की तीन विदेश यात्राओं पर करीब ₹34 करोड़ और नौ शहरों में आयोजित बैठकों पर ₹9.05 करोड़ खर्च हुए। अकेले भोपाल में आयोजित दो दिवसीय इन्वेस्टर्स समिट पर लगभग ₹82 करोड़ खर्च किए गए।
उन्होंने सवाल उठाया कि इतने बड़े खर्च के बाद प्रदेश में वास्तव में कितना निवेश आया और कितनी परियोजनाएं जमीन पर उतरीं। उन्होंने निवेश प्रस्तावों की सूची में शामिल कुछ नामों और वित्तीय दावों के सत्यापन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या निवेश की संभावनाओं को वास्तविक निवेश के रूप में प्रचारित किया गया।
मुख्यमंत्री से पांच सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पांच प्रमुख सवालों के जवाब मांगे हैं—
- ₹30.77 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों में से अब तक वास्तव में कितना निवेश मध्यप्रदेश में आया है? कितनी परियोजनाएं जमीन पर उतरीं और कितनों में उत्पादन शुरू हुआ?
- निवेश प्रस्तावों की सूची में शामिल संदिग्ध नामों और असंगत वित्तीय दावों का सत्यापन किस स्तर पर किया गया? इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी कौन हैं?
- ₹230 करोड़ के सरकारी खर्च के बदले प्रदेश को कितने नए उद्योग, परियोजनाएं और वास्तविक रोजगार मिले?
- मुख्यमंत्री की विदेश यात्राओं और देशभर में आयोजित रोड शो के माध्यम से कितने निवेशक मध्यप्रदेश आए और कितनी परियोजनाओं में पूंजी निवेश हुआ?
- निवेश के नाम पर घोषित रोजगार के मुकाबले कितने युवाओं को वास्तव में स्थायी नौकरी मिली?
निवेश प्रस्तावों की स्वतंत्र जांच और श्वेतपत्र की मांग
पटवारी ने मांग की कि सरकार ₹30.77 लाख करोड़ के निवेश दावे पर तत्काल श्वेतपत्र जारी करे। सभी निवेश प्रस्तावों, निवेशकों की पहचान, उनकी वित्तीय क्षमता और परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की स्वतंत्र जांच कराई जाए। अब तक आए वास्तविक निवेश, शुरू हुई परियोजनाओं और उनसे सृजित रोजगार का प्रमाणिक विवरण सार्वजनिक किया जाए।
उन्होंने कहा कि इन्वेस्टर्स समिट, विदेश यात्राओं, रोड शो और प्रचार-प्रसार पर हुए ₹230 करोड़ के खर्च का मदवार ब्यौरा भी जनता के सामने रखा जाना चाहिए। यदि प्रस्तावों के सत्यापन में लापरवाही या सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश को भव्य निवेश सम्मेलनों और विज्ञापनों के बजाय जमीन पर उतरने वाले उद्योगों की जरूरत है। प्रदेश के युवाओं को निवेश के आंकड़े नहीं, रोजगार चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से प्रचार करने के बजाय सरकार को पिछले निवेश सम्मेलनों का हिसाब देना चाहिए।