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44 बच्चों को भिखारी गिरोह के चंगुल से मुक्त कराने पर मकबूल दयावान सम्मानित

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 14 सितंबर 2026 👁️ 2 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
44 बच्चों को भिखारी गिरोह के चंगुल से मुक्त कराने पर मकबूल दयावान सम्मानित

भोपाल। समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए मकबूल दयावान को आदर्श संस्कृति युवा मंडल समिति द्वारा सम्मानित किया गया। 30 अगस्त को शहीद भवन में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें प्रशंसा पत्र, मेमेंटो, मेडल एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन समिति की ओर से चलाए जा रहे ‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान के तहत किया गया। इस दौरान समाजसेवा तथा नशामुक्ति के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सेवाभावियों को भी सम्मानित कर उनके कार्यों की सराहना की गई।

समिति की ओर से बताया गया कि मकबूल दयावान द्वारा कथित भिखारी गिरोहों के चंगुल से 44 बच्चों को मुक्त कराने के प्रयास किए गए। उनके इस कार्य को समाज के प्रति जिम्मेदारी और बच्चों के हित में किए गए प्रयास के रूप में देखते हुए सम्मान प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं समिति के पदाधिकारियों ने सम्मानित सेवाभावियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। साथ ही समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंदों की सहायता के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया गया।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

44 बच्चों को भिखारी गिरोह के चंगुल से मुक्त कराने का कार्य समाज में सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। यह पहल बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की गई है। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे समाज में नशा और अपराध के खिलाफ जागरूकता बढ़ती है तथा नशामुक्ति तथा समाजसेवा के प्रति लोगों की रुचि जगती है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि अधिक लोग समाजिक कार्यों में भाग लेने के लिए प्रेरित हों, नशे से दूर रहने के महत्व को समझें और समाज में शांति व समृद्धि के लिए कदम बढ़ाएँ।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।