अपराध

4.58 करोड़ रुपये की नकदी बरामद

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 1 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
4.58 करोड़ रुपये की नकदी बरामद

DGGI जयपुर जोनल यूनिट ने फर्जी GST बिलिंग और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के जरिए करोड़ों रुपये की कथित GST चोरी करने वाले एक संगठित सिंडिकेट के खिलाफ दिल्ली में तीन दिनों तक कार्रवाई की। जांच के दौरान RTGS के बदले नकदी उपलब्ध कराने वाले संदिग्ध नेटवर्क का खुलासा हुआ। 31 अक्टूबर को दिल्ली के रोहिणी स्थित एक कार्यालय पर तलाशी के दौरान 4 करोड़ 58 लाख 60 हजार रुपये की नकदी, लैपटॉप, मोबाइल फोन, चेकबुक और विभिन्न फर्मों के दस्तावेज बरामद किए गए। कार्रवाई में दिल्ली पुलिस और आयकर विभाग का भी सहयोग लिया गया। मामले में सिंडिकेट के अन्य सदस्यों और लाभार्थियों की भूमिका की जांच जारी है।

नई दिल्ली/जयपुर, 1 नवंबर। वस्तु एवं सेवा कर आसूचना महानिदेशालय (DGGI), Jaipur Zonal Unit ने फर्जी बिलिंग एवं इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के माध्यम से करोड़ों रुपये की GST चोरी से जुड़े एक संगठित सिंडिकेट के विरुद्ध दिल्ली में व्यापक कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की संदिग्ध GST चोरी एवं फर्जी ITC के मामलों का खुलासा किया है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, DGGI, Jaipur Zonal Unit की टीम द्वारा पिछले तीन दिनों से दिल्ली में सिंडिकेट से जुड़े विभिन्न व्यक्तियों एवं उनके ठिकानों पर सुनियोजित तरीके से तलाशी एवं जांच की कार्रवाई की गई। इस दौरान फर्जी GST बिलिंग, बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के ITC उपलब्ध कराने तथा संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले।

इसी जांच को आगे बढ़ाते हुए DGGI, Jaipur Zonal Unit की टीम ने सिंडिकेट के बैंकिंग लेनदेन एवं नकदी के प्रवाह से जुड़े एक संदिग्ध कार्यालय का भी पता लगाया, जहां तलाशी के दौरान Rs. 4,58,60,000/- की नकदी बरामद हुई। प्रारंभिक जांच के अनुसार, उक्त सिंडिकेट कथित रूप से बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के फर्जी GST बिल जारी कर विभिन्न व्यापारियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध कराने में संलिप्त था।

जांच में यह भी संदेह सामने आया कि सिंडिकेट के माध्यम से किए जाने वाले RTGS लेनदेन के बदले संबंधित व्यापारियों तक नकदी वापस पहुंचाने की व्यवस्था भी संचालित की जा रही थी। इस वित्तीय नेटवर्क की जांच के दौरान श्री विपुल गोयल, पुत्र श्री दिनेश गोयल, की संदिग्ध भूमिका सामने आई, जिनके बारे में जांच एजेंसी को जानकारी मिली कि वे कथित रूप से RTGS के बदले नकदी उपलब्ध कराने की व्यवस्था से जुड़े हुए थे।

इसी क्रम में 31 अक्टूबर 2026 को DGGI, Jaipur Zonal Unit की टीम ने दिल्ली के रोहिणी स्थित शॉप नंबर 328, तीसरी मंजिल, RG-1 कॉम्प्लेक्स, सेक्टर-14 में स्थित श्री विपुल गोयल से संबंधित एक कार्यालय पर तलाशी की कार्रवाई की। परिसर बंद मिलने तथा उसकी चाबियां उपलब्ध नहीं होने पर DGGI की टीम ने निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए स्थानीय दिल्ली पुलिस से सहयोग प्राप्त किया। प्रशांत विहार थाने द्वारा उपलब्ध कराए गए पुलिस बल की उपस्थिति में परिसर के ताले खुलवाकर तलाशी की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।

DGGI, Jaipur Zonal Unit की टीम द्वारा की गई गहन तलाशी के दौरान कार्यालय में रखे विभिन्न बैगों एवं दराजों से Rs. 4,58,60,000/- (चार करोड़ अट्ठावन लाख साठ हजार रुपये) की भारतीय मुद्रा बरामद हुई। इसके अतिरिक्त कार्यालय से लैपटॉप, मोबाइल फोन, बड़ी संख्या में चेकबुक एवं विभिन्न फर्मों से संबंधित दस्तावेज भी मिले, जिन्हें आगे की जांच के लिए जब्त किया गया।

इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने पर DGGI, Jaipur Zonal Unit ने तत्परता दिखाते हुए आयकर विभाग, नई दिल्ली के साथ तत्काल समन्वय स्थापित किया तथा बरामद नकदी के संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए आयकर अधिकारियों को सूचित किया। सूचना मिलने पर आयकर विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद आवश्यक विधिक औपचारिकताओं एवं दस्तावेजी प्रक्रिया को पूरा करते हुए Rs. 4,58,60,000/- की पूरी नकदी आयकर विभाग को आगे की जांच एवं विधिसम्मत कार्रवाई के लिए सुपुर्द कर दी गई।

इस कार्रवाई की विशेष बात यह रही कि DGGI, Jaipur Zonal Unit ने मुख्य जांच एजेंसी के रूप में न केवल करोड़ों रुपये की संदिग्ध GST चोरी से जुड़े फर्जी ITC सिंडिकेट की गतिविधियों का पता लगाया, बल्कि इसके बैंकिंग एवं नकदी लेनदेन से जुड़े नेटवर्क तक जांच को आगे बढ़ाया। दिल्ली पुलिस एवं आयकर विभाग के साथ प्रभावी अंतर-विभागीय समन्वय स्थापित करते हुए पूरी कार्रवाई विधिसम्मत ढंग से संपन्न की गई।

सूत्रों के अनुसार, DGGI, Jaipur Zonal Unit द्वारा सिंडिकेट के अन्य सदस्यों, फर्जी ITC प्राप्त करने वाले लाभार्थियों, बैंकिंग लेनदेन तथा नकदी के प्रवाह से जुड़े व्यक्तियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। जब्त डिजिटल उपकरणों एवं दस्तावेजों के विश्लेषण से सिंडिकेट के संचालन, करोड़ों रुपये की संदिग्ध GST चोरी एवं वित्तीय लेनदेन के संबंध में और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है।

DGGI, Jaipur Zonal Unit की इस समन्वित कार्रवाई से फर्जी ITC सिंडिकेट के संदिग्ध वित्तीय नेटवर्क की जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिली है। मामले में आगे की जांच जारी है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।