65 पाकिस्तानियों के खिलाफ भारत में बड़ी कार्रवाई, 1970 से जम्मू में जमाया था अड्डा
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
जम्मू क्राइम ब्रांच के स्पेशल क्राइम विंग (SCW) ने प्रदेश में अवैध रूप से तय समय से अधिक समय तक रुके पाकिस्तानी मूल के नागरिकों के मामले में अपनी जांच पूरी कर ली है.
एजेंसी ने इस मामले में जम्मू, पुंछ, राजौरी और कठुआ जिलों की संबंधित अदालतों में 65 आरोपियों के खिलाफ आठ अलग-अलग मामलों में चार्जशीट दाखिल की है.
यह कार्रवाई पुलिस स्टेशन जम्मू क्राइम ब्रांच की FIR संख्या 16/2024 के तहत की गई है.
यह मामला एक विश्वसनीय सूचना के आधार पर दर्ज किया गया था कि कई पाकिस्तानी नागरिक, जिनमें पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के निवासी भी शामिल हैं, जम्मू संभाग के विभिन्न जिलों में अवैध रूप से रह रहे थे.
ये सभी 1970 के दशक के अंत और उसके बाद वैध यात्रा दस्तावेजों के साथ भारत आए थे, लेकिन यात्रा का समय खत्म हो जाने के बावजूद वापस नहीं लौटे.
किन-किन धाराओं में दर्ज किए गए मामले?
सूचना से यह भी पता चला कि उन्होंने धोखाधड़ी करके भारतीय पहचान दस्तावेज हासिल कर लिए थे और कुछ लोगों ने इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी विभागों में नौकरी भी पा ली थी.
इसके अनुसार, फॉरेनर्स एक्ट, 1946 और पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) एक्ट, 1920 (जिसके साथ पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) नियम, 1950 का नियम 6 भी लागू होता है) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया.
साथ ही, क्राइम ब्रांच मुख्यालय (CHQ) की तरफ से गठित एक विशेष जांच दल (SIT) ने इस मामले की जांच शुरू की.
जांच में क्या-क्या हुआ खुलासा?
जांच के दौरान, क्राइम ब्रांच ने पाकिस्तान के सिंध, लाहौर, गुजरांवाला, सरगोधा और मीरपुर के साथ पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के रावलकोट और कोटली से आए कई परिवारों का पता लगाया.
ये सभी लोग अखनूर, मेंढर, थन्नामंडी, दरहाल और
📡 स्रोत: ABP Live