इतिहास

73 अखंड ज्योतियों से जगमगाया दादाजी धाम, मां शैलपुत्री के दिव्य श्रृंगार ने मोहा श्रद्धालुओं का मन

लेखक: Santosh Yogi अंतिम अपडेट: 11 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
73 अखंड ज्योतियों से जगमगाया दादाजी धाम, मां शैलपुत्री के दिव्य श्रृंगार ने मोहा श्रद्धालुओं का मन

शारदीय नवरात्रि के पहले दिन विधि-विधान से हुई घटस्थापना और पूजा-अर्चना, सोमवार को होगी मां ब्रह्मचारिणी की आराधना

भोपाल। शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन रविवार को रायसेन रोड स्थित पटेल नगर के जागृत तीर्थस्थल दादाजी धाम मंदिर में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ 73 अखंड ज्योतियां प्रज्ज्वलित की गईं। माता रानी के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मंगलकामना के लिए अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित करने का संकल्प लिया। मंदिर में विराजमान सिंहवाहिनी मां दुर्गा का नवीन वस्त्रों, लाल चुनरी, आकर्षक आभूषणों और पुष्पमालाओं से मनमोहक श्रृंगार किया गया।

श्री श्री 1008 श्री दादाजी गुरुदेव चैरिटेबल ट्रस्ट (रजि.), भोपाल के अध्यक्ष शिवरतन नामदेव ने बताया कि नवरात्रि के पहले दिन पंडित राजेंद्र पलिया ने यजमान जीवन नामदेव और उनकी धर्मपत्नी अवंतिका नामदेव से विधि-विधान के साथ मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना कराई। इस दौरान गणेश पूजन, कलश स्थापना, देवी आवाहन, अखंड ज्योति प्रज्ज्वलन और आरती संपन्न हुई।

अखंड ज्योति को आस्था और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक माना जाता है

अध्यक्ष शिवरतन नामदेव ने बताया कि सनातन परंपरा में अखंड ज्योति को आस्था, ज्ञान और ईश्वरीय चेतना का प्रतीक माना गया है। नवरात्रि के नौ दिनों तक दीप प्रज्ज्वलित रखने की परंपरा मां आदिशक्ति के प्रति श्रद्धा और समर्पण को दर्शाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, अखंड ज्योति की आराधना से मन में शांति, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक चेतना का भाव विकसित होता है। मंदिर में प्रज्ज्वलित सभी 73 अखंड ज्योतियों की नौ दिनों तक विशेष देखरेख की जाएगी।

सोमवार को होगी मां ब्रह्मचारिणी की विशेष पूजा

नवरात्रि के दूसरे दिन सोमवार, 12 अक्टूबर को मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। मां ब्रह्मचारिणी को तपस्या, त्याग, संयम और दृढ़ संकल्प का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि के दौरान मंदिर में प्रतिदिन माता रानी का नवीन वस्त्रों और पुष्पों से श्रृंगार किया जाएगा। साथ ही दुर्गा सप्तशती पाठ, दुर्गा चालीसा, देवी आरती और महिलाओं द्वारा सामूहिक भजन-कीर्तन भी आयोजित किए जाएंगे।

शिवरतन नामदेव ने बताया कि नवरात्रि के नौ दिनों में मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री के स्वरूपों की आराधना की जाएगी। उन्होंने कहा कि नवरात्रि मातृशक्ति के सम्मान, धर्म, साधना और आत्मशुद्धि का महापर्व है। दादाजी गुरुदेव की प्रेरणा से आयोजित धार्मिक अनुष्ठान समाज में श्रद्धा, संस्कार, सेवा और सद्भाव का संदेश देते हैं। ट्रस्ट और मंदिर व्यवस्था समिति ने श्रद्धालुओं से माता रानी के दर्शन करने और धार्मिक आयोजनों में सहभागी बनने की अपील की है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

दादाजी धाम में 73 अखंड ज्योतियों का प्रज्ज्वलन शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन श्रद्धालुओं के बीच एक विशेष धार्मिक कार्यक्रम है। यह कार्यक्रम भक्तों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और सांत्वना का स्रोत माना जाता है, जिससे परिवारों को सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की जाती है। इस तरह के बड़े पैमाने पर धार्मिक उत्सव से समाज में एकता और सांस्कृतिक पहचान की भावना बढ़ती है, और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है क्योंकि भक्तों की आवक से व्यापारियों को लाभ होता है।

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Santosh Yogi

संतोष योगी भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं जो भोपाल जिला एवं आसपास की घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं।