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80 बच्चों के लिए एक कमरा, स्कूल के पास ताल-तलैया और जर्जर भवन; विधायक कैलाश कुशवाह के निरीक्षण में खुली सरकारी स्कूलों की बदहाली

लेखक: Kuldeep Sharma अंतिम अपडेट: 17 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
80 बच्चों के लिए एक कमरा, स्कूल के पास ताल-तलैया और जर्जर भवन; विधायक कैलाश कुशवाह के निरीक्षण में खुली सरकारी स्कूलों की बदहाली

शिवपुरी। पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह ने 16 सितंबर को क्षेत्र के शासकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत बमरा के शासकीय एकीकृत हाई स्कूल और ग्राम पंचायत घटाई के ग्राम भैंसदा स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय में विद्यार्थियों की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी कई समस्याएं सामने आईं। विधायक ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

बमरा के शासकीय एकीकृत हाई स्कूल के पास तीन ताल-तलैया होने के कारण बारिश के दौरान विद्यालय परिसर में जलभराव और दलदल जैसी स्थिति बनने की बात सामने आई। स्कूल से सटे ताल-तलैयों के कारण विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई। विधायक ने बाउंड्रीवॉल निर्माण, जल निकासी और परिसर का समतलीकरण कराने के साथ जर्जर भवन और बारिश में पानी टपकने की समस्या दूर करने की मांग की है।

वहीं ग्राम भैंसदा के शासकीय प्राथमिक विद्यालय में करीब 80 बच्चों के लिए सिर्फ एक कमरा उपलब्ध है। इसी कमरे में शिक्षकों का कार्यालय भी संचालित हो रहा है, जिससे बच्चों की पढाई और बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है। विद्यालय के

सामने स्थित पुराने जर्जर भवन से भी

खतरे की आशंका जताई गई है। विधायक ने अतिरिक्त कक्ष और रसोईघर की व्यवस्था कराने तथा जर्जर भवन को लेकर आवश्यक निर्माण या मरम्मत कार्य कराने की मांग की है।

विधायक कैलाश कुशवाह ने संबंधित अधिकारियों से दोनों विद्यालयों का शीघ्र स्थल निरीक्षण कर विद्यार्थियों की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण कराने का आग्रह किया है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

शिवपुरी में पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह ने 16 सितंबर को शासकीय स्कूलों का निरीक्षण किया, जहाँ 80 बच्चों के लिए एक ही कमरा, ताल-तलैया और जर्जर भवन जैसी गंभीर समस्याएँ सामने आईं। यह विषय सरकारी शैक्षणिक सुविधाओं की बुरी स्थिति और विद्यार्थियों की सुरक्षा पर प्रकाश डालता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि शिक्षा के आधारभूत ढाँचे की उपेक्षा से छात्रों के सीखने के अनुभव और भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि माता-पिता और समाज को स्कूलों में सुधार के लिए जागरूक किया जाए,

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Kuldeep Sharma

कुलदीप शर्मा पिछोर, शिवपुरी के वरिष्ठ पत्रकार हैं, जो लंबे समय से जनसमस्याओं और सामाजिक मुद्दों को अपनी पत्रकारिता के माध्यम से सामने लाते हैं। वे जमीनी स्तर की खबरों और जनसरोकार से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाते हैं