8th Pay Commission: 20 साल के करियर पर क्या होगा सैलरी बढ़ने का असर?
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सरकारी नौकरी में सैलरी बढ़ने का काफी ज्यादा फायदा है.
बेसिक सैलरी बढ़ती है, तो उसके बेसिस पर मिलने वाला महंगाई भत्ते, मकान किराया भत्ता और कुछ रिटायरमेंट के फायदों पर भी असर पड़ सकता है.
यही वजह है कि 8वें वेतन आयोग में कर्मचारी सिर्फ शुरुआती सैलरी बढ़ाने की मांग नहीं कर रहे, बल्कि सालाना इंक्रीमेंट बढ़ाने की भी मांग उठा रहे हैं.
8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम बेसिक सैलरी 69,000 रुपए से 72,000 रुपए तक करने का प्रस्ताव दिया है.
साथ ही, सालाना इंक्रीमेंट को मौजूदा 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग भी रखी गई है.
अगर इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है, तो लंबे करियर में कर्मचारियों की कमाई पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है.
आइये समझते हैं कि 20 साल की नौकरी में बेसिक सैलरी बढ़ने का फायदा कैसे मिल सकता है.
क्या मांग कर रहे हैं कर्मचारी?
कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग के सामने अलग-अलग प्रस्ताव रखे हैं.
नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के स्टाफ साइड ने न्यूनतम बेसिक पे 69,000 रुपए और 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है.
वहीं, BPMS ने न्यूनतम बेसिक पे 72,000 रुपए और 4 के फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है. दोनों संगठनों ने सालाना इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग भी की है.
20 साल में क्या होगा? बेसिक सैलरी कर्मचारी की तनख्वाह का खास हिस्सा होती है. इसी के आधार पर कई भत्तों की कैलकुलेशन की जाती है.
जब बेसिक पे ज्यादा होती है, तो 3% का सालाना इंक्रीमेंट भी रुपए में ज्यादा होता है.
जैसे अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपए है, तो 3% इंक्रीमेंट से उसकी बेसिक पे में 540 रुपए की बढ़ोतरी होगी.
वहीं, अगर बेसिक सैलरी 69,000 रुपए हो, तो 3% के हिसाब से सालाना बढ़ोतरी 2,070 रुपए होगी.
यानी इंक्रीमेंट का प्रतिशत एक जैसा रहने पर भी बेसिक सैलरी ज्यादा होने से हर साल मिलने वाली बढ़ोतरी की रकम बड़ी हो जाती है.
3% और 6% इंक्रीमेंट में कितना अंतर है?
किसी कर्मचा
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar