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आध्यात्म की राह पर बढ़ेंगे युवा, लेंगे श्रील प्रभुपाद का ‘आश्रय’

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 2 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
आध्यात्म की राह पर बढ़ेंगे युवा, लेंगे श्रील प्रभुपाद का ‘आश्रय’

गुप्त वृन्दावन धाम में 4 अक्टूबर को श्रील प्रभुपाद का आश्रय समारोह आयोजित होगा, जिसमें युवाओं में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। 18 से 34 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं ने बड़ी संख्या में आवेदन कर नियमित साधना, आध्यात्मिक अध्ययन और सेवा का संकल्प लेने की इच्छा जताई है।

जयपुर, 02 अक्टूबर। युवाओं में आध्यात्मिकता के प्रति बढ़ती रुचि के बीच 4 अक्टूबर को गुप्त वृन्दावन धाम में विश्व गुरु श्रील प्रभुपाद का ‘आश्रय समारोह’ आयोजित किया जाएगा। इस बार समारोह को लेकर युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में युवाओं ने आवेदन कर आध्यात्मिक साधना और अनुशासित जीवन की दिशा में आगे बढ़ने की इच्छा जताई है।

आयोजकों के अनुसार, जीवन की विभिन्न दुविधाओं और चुनौतियों का सामना साधना के माध्यम से करने के उद्देश्य से इस बार बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 18 से 34 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की संख्या प्रमुख है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार आवेदनों में वृद्धि दर्ज होने की जानकारी भी दी गई है।

मंदिर के अध्यक्ष अमितासना दास ने बताया कि ‘आश्रय’ की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में होती है। भक्त भक्त, श्रद्धावान, सेवक, साधक, उपासक और चरणआश्रय के विभिन्न स्तरों पर साधना का संकल्प लेते हैं। इन चरणों में क्रमशः 1, 4, 8, 12 और 16 माला जप का संकल्प शामिल है।

इसके साथ नियमित हरे कृष्ण महामंत्र का जाप, श्रील प्रभुपाद की पुस्तकों का अध्ययन, मंदिर सेवा, भक्त-संग और सदाचार को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया जाता है। अनुशासित जीवन के तहत नशे, मांसाहार, जुआ और अवैध यौन संबंधों से दूर रहने की प्रतिज्ञा भी शामिल है।

आयोजकों का कहना है कि युवाओं की बढ़ती भागीदारी नियमित साधना, आध्यात्मिक अध्ययन और जीवन में आध्यात्मिक दिशा की ओर उनके रुझान को दर्शाती है। आगामी आश्रय समारोह में बड़ी संख्या में युवा भक्तों के शामिल होने की उम्मीद है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।