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आगामी 28 फरवरी तक पूरा करें 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सभी गतिविधियांः जगत सिंह नेगी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 9 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
आगामी 28 फरवरी तक पूरा करें 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सभी गतिविधियांः जगत सिंह नेगी

अक्तूबर 09, शिमला (हिमाचल प्रदेश): राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जनशिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आज एचपी शिवा परियोजना की प्रगति की समीक्षा के लिए बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर एवं ऊना जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। एशियाई विकास बैंक द्वारा वित्तपोषित एचपी शिवा परियोजना प्रदेश के सात जिलों में क्रियान्वित की जा रही है।

बैठक में अवगत करवाया गया कि एचपी शिवा परियोजना के प्रथम चरण के अंतर्गत कुल 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसमें से लगभग 2,700 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया जा चुका है व 1,900 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शेष क्षेत्र में पौधारोपण का कार्य जनवरी-फरवरी, 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा।

इस क्षेत्र में मुख्यतः प्लम एवं पर्सिमन जैसी विंटर सीजन फसलों का रोपण किया जाना है। परियोजना के अंतर्गत 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए कुल 331 क्लस्टरों को अंतिम रूप दिया गया है जिससे लगभग 10,646 किसान परिवार लाभान्वित होंगे। बैठक में अवगत करवाया गया कि परियोजना के द्वितीय चरण के लिए सर्वेक्षण कार्य भी प्रगति पर है।

इसके अंतर्गत लगभग 2,500 हेक्टेयर क्षेत्र की पहचान कर ली गई और 2,153 हेक्टेयर क्षेत्र में सर्वेक्षण कार्य जारी है। लगभग 1,500 हेक्टेयर क्षेत्र की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर तकनीकी स्वीकृति के लिए एशियाई विकास बैंक को भेजी जा चुकी है। एशियाई विकास बैंक से स्वीकृति प्राप्त होने के उपरांत निविदा प्रक्रिया अक्तूबर माह के अंतिम सप्ताह से शुरू की जाएगी।

जगत सिंह नेगी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में निम्न गुणवत्ता वाले पौधों की खरीद न की जाए। नर्सरी संचालकों को भी निर्देश दिए गए कि वे तकनीकी मानकों एवं स्पैसिफिकेशन के अनुरूप उच्च गुणवत्ता की पौध सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करें। सौर बाड़बंदी, खेतों की तैयारी, ड्रिप व लिफ्ट सिंचाई योजनाओं सहित विभिन्न निर्माण एवं अधोसंरचना संबंधी कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा भी की गई।

बागवानी मंत्री ने फील्ड अधिकारियों एवं परियोजना प्रबंधन इकाई को सख्त निर्देश जारी किए कि परियोजना के सभी घटकों का कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए और 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी क्लस्टरों को पूर्ण रूप से तैयार कर किसानों को हस्तांतरित किया जाए। उन्होंने द्वितीय चरण के कार्यों को समय पर शुरू करने के लिए निविदा प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।

जगत सिंह नेगी ने प्रथम चरण के तहत 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सभी गतिविधियों को पूरा करने तथा सभी क्लस्टरों का किसानों को हस्तांतरण सुनिश्चित करने के लिए 28 फरवरी, 2027 की अंतिम समय-सीमा निर्धारित की। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय-सीमा तक कार्य पूर्ण न होने की स्थिति में संबंधित ठेकेदारों तथा अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

बैठक में बागवानी विभाग के निदेशक सतीश कुमार, एचपी शिवा परियोजना निदेशक समीर सिंह, प्रोक्योरमेंट अधिकारी मनोज शर्मा और बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर एवं ऊना जिलों के उप-निदेशक उपस्थित रहे।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।