आईआईटी आईएसएम में आईएएस सोनल गोयल ने एआई के बेहतर और सकारात्मक इस्तेमाल पर दिया जोर
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आईआईटी आईएसएम धनबाद में वार्षिक टेक्नो-मैनेजमेंट फेस्ट कॉन्सेट्टो का आयोजन, त्रिपुरा कैडर की आईएएस अधिकारी सोनल गोयल ने दिया व्याख्यान, एआई के बेहतर और सकारात्मक इस्तेमाल पर दिया जोर।
Short Headline: आईआईटी आईएसएम में आईएएस सोनल गोयल ने एआई के बेहतर और सकारात्मक इस्तेमाल पर दिया जोर
09 अक्टूबर, धनबाद: आईआईटी आईएसएम धनबाद में आयोजित वार्षिक टेक्नो-मैनेजमेंट फेस्ट कॉन्सेट्टो के पहले दिन त्रिपुरा कैडर की आईएएस अधिकारी सोनल गोयल शामिल हुईं। उन्होंने विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग जनहित और नवाचार के लिए करने की सलाह दी। पेनमैन ऑडिटोरियम में आयोजित गेस्ट लेक्चर में उन्होंने कहा कि एआई इनोवेशन का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन इसका उद्देश्य लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एआई मानव बुद्धिमता का विकल्प नहीं है, बल्कि इसका उपयोग नई सोच विकसित करने और समस्याओं के समाधान खोजने के लिए किया जाना चाहिए।
सोनल गोयल ने अपने प्रशासनिक अनुभव साझा करते हुए बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद आपसी सहयोग, संवाद और सामूहिक प्रयासों से स्थानीय समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने दूर-दराज के आदिवासी क्षेत्रों में गांव की समितियों के साथ किए गए प्रयासों का उदाहरण देते हुए बताया कि सामुदायिक भागीदारी से स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनबाड़ी केंद्रों जैसी सरकारी सुविधाओं के संचालन में सुधार लाया जा सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन और करियर में सफलता के लिए पांच सी- करेज, कन्विक्शन, कंसिस्टेंसी, कंपैशन और कोलैबोरेशन का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि साहस, आत्मविश्वास, निरंतर प्रयास, संवेदनशीलता और सहयोग की भावना चुनौतियों का सामना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने छात्रों को आत्ममूल्यांकन करने, अपनी क्षमताओं को पहचानने और जीवन का उद्देश्य निर्धारित करने के लिए भी प्रेरित किया।
अपने माउंट किलिमंजारो समिट और एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक के अनुभव साझा करते हुए सोनल गोयल ने विद्यार्थियों को कठिन परिस्थितियों में भी प्रयास जारी रखने और अपनी सीमाओं से आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने महिला-पुरुष समानता, सोशल मीडिया के जिम्मेदार इस्तेमाल और मानसिक स्वास्थ्य पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने छात्रों को सोशल मीडिया पर किसी भी सामग्री को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जांचने, अनावश्यक स्क्रीन टाइम से बचने और पढ़ाई के दबाव के बीच मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी।
व्याख्यान के बाद आयोजित सवाल-जवाब सत्र में विद्यार्थियों ने तकनीक, नेतृत्व, करियर और लोक सेवा से जुड़े विभिन्न विषयों पर सोनल गोयल से संवाद किया। आईआईटी आईएसएम धनबाद के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित कॉन्सेट्टो में यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को नवाचार, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा।