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आईएमएफ ने युद्ध, व्यापारिक तनाव, ऊर्जा संकट और बढ़ते कर्ज को वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए खतरा बताया

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 18 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
आईएमएफ ने युद्ध, व्यापारिक तनाव, ऊर्जा संकट और बढ़ते कर्ज को वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए खतरा बताया

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की नीति-निर्धारण समिति ने चेतावनी दी है कि विकास की गति उम्मीद से बेहतर रहने के बावजूद युद्ध, व्यापारिक तनाव, ऊर्जा संबंधी व्यवधान और बढ़ता ऋण वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए खतरा हैं। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में कल बैठक के बाद जारी बयान में, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा और वित्तीय समिति ने कहा कि जारी संघर्ष, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और भू-राजनीतिक तनाव से वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं और मुख्‍य रूप से कमज़ोर देशों में खाद्य तथा ऊर्जा असुरक्षा की स्थिति और बिगड़ सकती है।

समिति ने उच्च सार्वजनिक ऋण, बढ़ती बॉन्ड राशि और पुनर्वित्तपोषण के दबाव को वित्तीय स्थिरता के लिए प्रमुख जोखिम बताया है। समिति ने चेतावनी दी कि सरकारों के पास और अधिक संकट को झेल सकने की क्षमता कम है।

समिति ने यह भी कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में तेजी से उत्पादकता और निवेश में वृद्धि हो सकती है, लेकिन इससे मौजूदा आर्थिक तथा वित्तीय कमजोरियां और भी बढ़ सकती हैं। समिति ने कहा कि व्यापारिक तनाव, वैश्विक असंतुलन और संप्रभु ऋण चुनौतियों से निपटने के लिए विश्वसनीय राजकोषीय नीतियों, केंद्रीय बैंकों की स्वतंत्रता और मजबूत अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।