'आजम 11 महीने बाद याद आए' सवाल पर भड़के अखिलेश:बोले- थोड़ी इज्जत दे दी तो सिर पर चढ़ गए, रामपुर जेल में 1 घंटे मुलाकात की
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सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को रामपुर जेल में आजम खान से मुलाकात की। जेल प्रशासन ने मुलाकात के लिए 45 मिनट का समय दिया था, लेकिन दोनों के बीच 1 घंटा 9 मिनट तक बातचीत हुई। मुलाकात के बाद अखिलेश ने कहा, “रामपुर, जिसके नाम में ही राम है, वहां रामराज्य की भावना को मार दिया गया है।
रामराज्य की भावना को कुचला जा रहा है।” उन्होंने कहा, “आजम थे, आजम हैं और आजम रहेंगे। फर्जी मुकदमों में इतनी ताकत नहीं कि उन्हें जेल में रख सकें।” अखिलेश ने आरोप लगाया कि भ्रष्ट अधिकारी फर्जी मुकदमे दर्ज कराने का हथियार बन रहे हैं, लेकिन अब धीरे-धीरे अधिकारी भी साथ छोड़ रहे हैं। पत्रकारों ने जब अखिलेश से पूछा कि आजम खान से मिलने आने में 11 महीने क्यों लग गए, तो वह भड़क गए।
उन्होंने कहा- मेरी जानकारी में नहीं है कि किस चैनल का दाना लेकर आए हैं। लेकिन थोड़ी इज्जत दे दी तो सिर पर चढ़ गए। अखिलेश का हेलिकॉप्टर दोपहर करीब डेढ़ बजे जौहर यूनिवर्सिटी के हेलीपैड पर उतरा। वहां से वह कार से सीधे जेल पहुंचे। उनके साथ कार में आजम खान के बड़े बेटे अदीब भी थे, हालांकि वह जेल के अंदर नहीं गए।
आजम और अखिलेश के बीच दोपहर 1:42 बजे से 2:51 बजे तक मुलाकात चली। इसके बाद अखिलेश आजम के घर पहुंचे और करीब एक घंटे तक रहे। यहां उन्होंने आजम की पत्नी तंजीन फातिमा, बेटे अदीब और परिवार के अन्य सदस्यों से बातचीत की। एक साल के भीतर अखिलेश की आजम खान से यह तीसरी मुलाकात है। आजम खान अपने बेटे अब्दुल्ला के साथ पैन कार्ड मामले में रामपुर जेल में बंद हैं।
एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने इस मामले में दोनों को सात-सात साल की सजा सुनाई है। आजम खान ने फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की है। मुलाकात के सियासी मायने
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar