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आरयूएचएस में विश्व हृदय दिवस पर जागरूकता सत्र

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 29 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
आरयूएचएस में विश्व हृदय दिवस पर जागरूकता सत्र

आरयूएचएस में आयोजित जागरूकता सत्र में कार्डियक इमरजेंसी के दौरान समय पर CPR और AED की उपलब्धता की अहमियत बताई गई। साथ ही प्रशिक्षित लाइफ सेवर्स की टीम तैयार करने पर जोर दिया गया।

29 सितम्बर, जयपुर। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर जयपुर के राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज यानी आरयूएचएस में विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सकों और विशेषज्ञों ने लोगों को हृदय संबंधी आपात स्थिति और उससे निपटने के प्राथमिक उपायों की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान अचानक होने वाले कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक जैसी आपात स्थितियों में समय पर मिलने वाली मदद को बेहद महत्वपूर्ण बताया गया।

विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसी स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट काफी अहम होते हैं और तत्काल सीपीआर शुरू करने तथा जरूरत पड़ने पर एईडी यानी ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर का इस्तेमाल करने से मरीज को बचाने में मदद मिल सकती है।

डॉ. निरजा पाटनी ग्रोवर ने बताया कि हार्ट अटैक और अचानक कार्डियक अरेस्ट कई बार बिना स्पष्ट चेतावनी के भी हो सकते हैं। ऐसे में आसपास मौजूद लोगों को आपात स्थिति की पहचान और शुरुआती मदद की जानकारी होना जरूरी है। समय पर सीपीआर और एईडी उपलब्ध होने से मरीज को चिकित्सा सहायता मिलने तक महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।

जागरूकता सत्र का मुख्य उद्देश्य ऐसे लोगों की एक प्रशिक्षित टीम तैयार करना रहा, जो किसी भी कार्डियक इमरजेंसी के दौरान प्राथमिक सहायता उपलब्ध करा सके। कार्यक्रम में लाइफ सेवर्स की भूमिका पर भी चर्चा की गई और लोगों को आपात स्थिति में घबराने के बजाय निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मदद करने के लिए जागरूक किया गया।

विशेषज्ञों ने बताया कि कार्डियक इमरजेंसी के दौरान केवल अस्पताल पहुंचने का इंतजार करना पर्याप्त नहीं होता। मौके पर मौजूद व्यक्ति की तत्काल प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण हो सकती है। इसी उद्देश्य से CPR और AED के बारे में अधिक से अधिक लोगों को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में लाइफ सेवर्स टीम के सदस्यों ने भी हिस्सा लिया। टीम का उद्देश्य आम लोगों को बेसिक लाइफ सपोर्ट और आपात स्थिति में आवश्यक शुरुआती कदमों के प्रति जागरूक करना है।

विश्व हृदय दिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए लोगों को यह संदेश दिया गया कि हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता केवल अस्पतालों और चिकित्सकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। आम लोगों को भी कार्डियक इमरजेंसी की स्थिति में प्राथमिक सहायता के बारे में जानकारी होनी चाहिए। कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों ने हृदय को स्वस्थ रखने के साथ-साथ आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को भी जरूरी बताया। CPR और AED जैसी जीवनरक्षक तकनीकों की जानकारी अधिक लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

आरयूएचएस में आयोजित यह जागरूकता सत्र इसी दिशा में एक प्रयास रहा, जिसका उद्देश्य प्रशिक्षित लाइफ सेवर्स का नेटवर्क तैयार करना और जरूरत के समय लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की क्षमता विकसित करना है।

बाइट: डॉ. निरजा पाटनी ग्रोवर

बाइट: ताराचंद सहारण, टीम सदस्य — लाइफ सेवर्स

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।