भोपाल

आरिफ नगर कचरा प्लांट में कामकाज ठप, जोन 17 के एएचओ रामरतन लोहिया के खिलाफ कर्मचारियों का विरोध, देखें वीडियो

लेखक: Aazam Lala अंतिम अपडेट: 21 सितंबर 2026 👁️ 13 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश

15 दिन से मुलाकात का वक्त मांग रहे थे कर्मचारी, सुनवाई नहीं होने पर लिया काम बंद करने का फैसला

भोपाल। नगर निगम जोन-17 के आरिफ नगर कचरा प्लांट में उस वक्त हालात बिगड़ गए, जब कर्मचारियों ने काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी। संयुक्त मोर्चा और कर्मचारियों ने जोन-17 के एएचओ राम रतन लोहिया पर कर्मचारियों के कथित शोषण और समस्याओं की अनदेखी के आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले करीब 15 दिनों से अपनी समस्याओं को लेकर अधिकारी से मुलाकात का वक्त मांग रहे थे, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

कर्मचारियों के मुताबिक लगातार गुहार के बावजूद जब उनकी फरियाद पर गौर नहीं किया गया तो उन्होंने विरोध का रास्ता अपनाते हुए कचरा प्लांट का काम बंद कर दिया। हड़ताल के चलते प्लांट की रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित होने की बात सामने आई है।

वही कर्मचारियों ने लोहिया तेरी तानाशाही नहीं चलेगी जैसे नारे लगा कर अपना गुस्सा व्यक्त किया

संयुक्त मोर्चा का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं पर जिम्मेदार अफसरों को गंभीरता से गौर करना चाहिए, ताकि विवाद का जल्द समाधान हो सके। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी समस्याओं पर बातचीत और उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रह सकता है।

मामले में एएचओ राम रतन लोहिया का पक्ष सामने नहीं आया है। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

आरिफ नगर कचरा प्लांट में कामकाज ठप हो गया है क्योंकि कर्मचारियों ने 15 दिन से अधिक समय से एएचओ रामरतन लोहिया के साथ बैठकों की मांग की पर सुनवाई नहीं हुई। इस हड़ताल का कारण कर्मचारियों का कथित शोषण और समस्याओं की अनदेखी है। यह घटना महत्वपूर्ण है क्योंकि कचरा प्रबंधन शहर की स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य है। यदि कार्य बंद रहता है तो कचरे का निस्तारण प्रभावित होगा, जिससे बदबू, कीट और रोगों का खतरा बढ़ेगा। इससे सामान्य जनता को असुविधा और स्वास्थ्य जोखिम का सामना करना पड़ेगा।

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Aazam Lala

आज़म लाला भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं, जो लंबे समय से जनसमस्याओं और सामाजिक मुद्दों को अपनी पत्रकारिता के माध्यम से सामने लाते हैं। वे जमीनी स्तर की खबरों और जनसरोकार से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाते हैं।