आर्मी के लिए इस खतरनाक वाहन का प्रोडक्शन शुरू, चीन-पाकिस्तान बॉर्डर पर होगी तैनाती
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
लॉर्सन एंड टर्बो और बीएई सिस्टम ने बुधवार को सूरत के हजीरा में भारतीय सेना के लिए BvS10 सिंधु आर्टिकुलेटेड ऑल टेरेन वाहन का प्रोडक्शन शुरू कर दिया है.
सेना की तरफ से दिए गए 18 वाहनों को लद्दाख और कच्छ इलाके में तैनात किया जाएगा.
इन वाहनों को लद्दाख में 18 हजार फीट तक की ऊंचाई पर होने वाले ऑपरेशन के लिए डिजाइन किया गया है.
यहां कड़ाके की ठंड और बर्फबारी की वजह से टेम्प्रेचर 0 से 55 डिग्री सेल्सियस नीचे चला जाता है.
कच्छ में इनका इस्तेमाल दलदली इलाकों, रेगिस्तानी इलाकों और ग्रेट रन में सैनिकों की गश्त के लिए किया जाएगा. यहां तापमान 55 डिग्री पहुंच सकता है.
एल एंड टी के प्रिसिजन इंजीनियरिंग के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट और हेड अरुम रामचंदानी ने इस प्रोडक्शन लॉन्च को बीएई सिस्टम के साथ एक लंबी साझेदारी की शुरुआत बताया है.
यह हमारे लिए एक अहम मौका: रामचंदानी
रामचंदानी ने कहा है कि मुझे लगता है कि यह हमारे लिए एक बहुत ही अहम मौका है. 2023 में जब हमने यह समझौता किया था तब से लेकर अब तक हमने काफी लंबा सफर तय किया है.
हमने मिलकर एक प्रोग्राम हासिल किया है. यहां तक पहुंचने के लिए एक दूसरे पर बहुत भरोसा और विश्वास होना जरूरी था. मेरी नजर में यह हमारे शानदार भविष्य की बस शुरुआत है.
इस प्रोडक्शन लॉन्च के साथ ही BvS10 सिंधु के निर्माण का सफर शुरु हो गया है.
'यह इंजीनियिरंग का बेहतर नमूना'
उन्होंने कहा कि आज से बीवीएस10 के प्रोडक्शन का सफर शुरू हो रहा है. यह इंजीनियरिंग का एक बेहतरीन नमूना है.
हमें इस शानदार प्लेटफॉर्म को बनाने वाली कंपनी बीएई हैंग्लंड्स के साथ जुड़ने का गर्व है.
यह वाहन भारतीय सशस्त्र बलों के लिए अलग-अलग इलाकों और जरूरतों के हिसाब से काम आ सकता है.
चाहे वह कच्छ के रेगिस्तान और दलदलदी इलाके हों या लद्दाख के ऊंचे पहाड़ी इलाके.
उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि इस प्लेटफॉर्म में कई संभावनाएं हैं.
भारतीय सेना इसका इस्तेमाल अलग-अलग तरह से और कई
📡 स्रोत: ABP Live