आसमान में छिड़ी लड़ाई, मुंबई से दिल्ली के सफर में कौन सी एयरलाइन है सबसे आगे?
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मुंबई और दिल्ली के बीच का आसमानी रास्ता काफी व्यस्त रहता है.
इन दोनों शहरों के बीच उड़ान को लेकर इन दिनों दो बड़ी एयरलाइंस के बीच कड़ी टक्कर भी देखने को मिल रही है. तो वहीं तीसरी एयरलाइन ने तो अपनी उड़ानें ही दोगुनी कर दी हैं.
इंडिगो- एयर इंडिया की जंग
अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच मुंबई-दिल्ली रूट पर इंडिगो के पास कुल सीटों का 42.8% हिस्सा था.
वहीं एयर इंडिया ग्रुप (एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस) की हिस्सेदारी 41.9% रही. इसका मतलब है कि दोनों एयरलाइंस के बीच अंतर बहुत कम है.
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दिल्ली-मुंबई रूट क्यों है इतना जरूरी?
मुंबई-दिल्ली देश के सबसे बड़े और कमाई वाले एयर रूट्स में से एक है.
खास बात ये है कि जब देश के कई दूसरे जरूरी रूट्स पर सीटों की संख्या कम हो रही है, तब दिल्ली-मुंबई रूट पर सीट क्षमता बढ़ रही है.
सितंबर में इस रूट पर करीब 6.77 लाख सीटें उपलब्ध थीं, जो पिछले साल की तुलना में 13.9% ज्यादा हैं. ये देश के किसी भी डोमेस्टिक एयर रूट पर सबसे ज्यादा सीट क्षमता है.
इसके मुकाबले बेंगलुरु-दिल्ली रूट की सीट क्षमता 1.8%, मुंबई-चेन्नई 8.5% और मुंबई-हैदराबाद 9.5% घट गई है.
अकासा एयर की तेजी से बढ़ती हिस्सेदारी
इस रूट पर सबसे ज्यादा ध्यान अकासा एयर की बढ़त पर है.
पिछले साल अप्रैल-सितंबर में उसकी सीट हिस्सेदारी करीब 6% थी, जो इस साल बढ़कर 10.7% हो गई है.
अकासा ने इस अवधि में मुंबई-दिल्ली के बीच अपनी उड़ानों की संख्या लगभग दोगुनी करके 1,176 कर दी.
इसके साथ ही उसने स्पाइसजेट को पीछे छोड़ते हुए इस रूट की तीसरी सबसे बड़ी एयरलाइन की जगह हासिल कर ली है. स्पाइसजेट की सीट हिस्सेदारी सिर्फ 4.4% रह गई है.
बता दें कि कासा सिर्फ दिल्ली-मुंबई रूट पर ह
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar