आतंकी लॉन्च पैड्स से लेकर मोबाइल टावर तक…, ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाक ने बदली रणीति
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेवा के शौर्य और पराक्रम से घबराए पाकिस्तान ने अब अपनी जमीन पर चल रहे लॉन्च पैड्स में कई बदलाव किए हैं.
इसके साथ ही आईएसआई के इशारे पर पाकिस्तान ने भारत से सटी सीमा पर मोबाइल टावर भी लगाने शुरू कर दिए हैं.
जम्मू कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ जंग लड़ रहे सुरक्षा बलों के सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर में मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान ने अब अपनी जमीन पर भारत में आतंकियों को भेजने के मकसद से बनाए गए लॉन्च पैड्स की रूपरेखा में कई बदलाव किए हैं.
सूत्रों एबीपी न्यूज़ को बताया है कि पहले जहां यह लॉन्च पैड्स जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान से सटी लाइन ऑफ कंट्रोल या इंटरनेशनल बॉर्डर से कुछ ही मीटर की दूरी पर होते थे.
वहीं, बदले परिदृश्य में अब पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर लॉन्चपैडस को रिलोकेट किया गया है.
पाकिस्तान की सेना की मदद से बनाए गए नई लांच पैड्स को सीमा से दूर रिहायशी इलाकों में रखा गया है.
पाकिस्तान ने बदली रणनीति
सूत्र बताते हैं कि रिहायशी इलाकों में भी अधिकतर लॉन्च पैड्स दो मंजिला इमारत में बनाए गए हैं.
जहां ऊपर की मंजिल पर इन लॉन्चपैड्स में से अधिकतर में पाकिस्तान के मरकज या मदरसे चल रहे हैं वहीं ग्राउंड फ्लोर पर इन आतंकियों को इकट्ठा किया गया है.
इमारत की पहली मंजिल पर मदरसा या मरकज चलाने का मकसद पाकिस्तान सेना और आईएसआई के उसे प्लान का हिस्सा है जिसके तहत इन इमारतों पर भारत के किसी हमले को आम आदमी पर हुए हमले की शक्ल देना है.
सूत्र बताते हैं कि अगर भारत इन दो मंजिला इमारत पर हमला करता है और इन हमलों में मदरसे या मरकज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओ को कोई नुकसान पहुंचता है तो पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय पटल में यह बात उठेगा कि भारत में आम लोगों को निशाना बनाया है.
इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि यह दो मंजिला इमारतें भारत पाकिस्तान सीमा से ज्यादा दूर ना हो.
<p style="text-alig
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद अपनी रणनीति बदलकर अपने लॉन्च पैड्स में बदलाव किये और भारत से सटी सीमा पर मोबाइल टावर लगाना शुरू किया। यह कदम भारत की सैन्य क्षमता पर दबाव डालने के लिए उठाया गया है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ा सकती है और सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था पर नया प्रभाव डाल सकती है। आम जनता पर इसका असर बढ़ते डर और आर्थिक गतिविधियों में व्यवधान के रूप में महसूस हो सकता है, खासकर सीमा क्षेत्र के लोगों के लिए।