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आयुष्मान भारत: 55 करोड़ लोगों को हर साल मुफ्त इलाज का प्रावधान

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 4 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
आयुष्मान भारत: 55 करोड़ लोगों को हर साल मुफ्त इलाज का प्रावधान

सितंबर 23, नई दिल्ली: देश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को इलाज के बड़े खर्च से राहत देने के उद्देश्य से शुरू की गई आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के आठ वर्ष पूरे हो गए हैं। 23 सितंबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड के रांची में इस योजना की शुरुआत की थी। योजना का उद्देश्य आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी भी जरूरतमंद परिवार को इलाज से वंचित होने से बचाना है।

आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को हर साल पांच लाख रुपये तक के स्वास्थ्य कवर की सुविधा मिलती है। अब तक 55 करोड़ से अधिक लोग इस योजना के लाभार्थी बन चुके हैं। योजना के तहत 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को भी शामिल किया गया है। आंकड़ों के मुताबिक, करीब 48 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि 12 करोड़ से अधिक लाभार्थी योजना के तहत कैशलेस इलाज का लाभ उठा चुके हैं।

योजना के तहत देशभर में करीब 36 हजार अस्पताल सूचीबद्ध हैं। इनमें सरकारी और निजी अस्पताल शामिल हैं। 1900 से अधिक उपचार पैकेजों के तहत प्रतिदिन 40 हजार से ज्यादा दावों का निपटारा किया जाता है। लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलती है, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज के दौरान परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने में मदद मिलती है।

आयुष्मान भारत योजना का दायरा समय के साथ बढ़ाया गया है। इसमें ट्रांसजेंडर समुदाय और गिग वर्कर्स को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी सहायिकाओं के परिवारों को भी योजना का लाभ दिया जा रहा है।

योजना के जरिए इलाज पर लोगों के जेब से होने वाले खर्च को कम करने पर भी जोर दिया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014 में कुल स्वास्थ्य खर्च में लोगों की जेब से होने वाले खर्च की हिस्सेदारी 62 प्रतिशत थी, जो अब घटकर 43 प्रतिशत रह गई है। योजना का लाभ उठाने वाले मरीजों में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 49 प्रतिशत है।

आयुष्मान भारत योजना की एक प्रमुख विशेषता इसकी पोर्टेबिलिटी है। इसका मतलब है कि जिस राज्य में लाभार्थी का आयुष्मान कार्ड बना है, वह देश के किसी अन्य राज्य में भी योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पताल में इलाज करा सकता है। सूचीबद्ध अस्पतालों में पात्र लाभार्थियों को कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के आठ वर्षों का सफर देश में स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा बढ़ाने के प्रयासों को दर्शाता है। योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अस्पताल में उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने और इलाज से जुड़ी वित्तीय चुनौतियों को कम करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।

फ़ाइल फ़ोटो

💡 पृष्ठभूमि (Background)

आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, 55 करोड़ लोगों को हर वर्ष मुफ्त इलाज का प्रावधान देती है। यह योजना 2018 में शुरू हुई और इसका उद्देश्य आर्थिक कठिनाइयों के कारण इलाज से वंचित परिवारों को बचाना है। इस खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि यह योजनाओं के आठवें वर्ष के समापन पर आधारित है, जो सरकार की स्वास्थ्य नीतियों की सफलता और निरंतरता को दर्शाता है। आम जनता के लिए इसका असर गहरा है; लाखों परिवार अब अस्पताल के बिलों की चिंता के बिना आवश्यक चिकित्सा सेवाएँ प्राप्त कर सकते हैं, जिससे स्वास्थ्य सम

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।