Abhinav Bindra ने Khelo India टैलेंट हंट को सराहा, बोले तुरंत नतीजों के पीछे न भागे सिस्टम
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भारत के महान निशानेबाज अभिनव बिंद्रा अंडर 15 तलाश योजना को लेकर काफी उत्साहित हैं और उन्होंने उम्मीद जताई है कि त्वरित नतीजों पर फोकस करने की बजाय युवाओं को तराशने के लिये संयम और चतुराई से काम लिया जायेगा। खेल मंत्रालय ने 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए खेलो इंडिया योजना के तहत युवा खिलाड़ियों का एक समूह तैयार करने के लिए चार चरणों वाला प्रतिभा पहचान और विकास मॉड्यूल बनाया है।
इन खिलाड़ियों को 2036 ओलंपिक के लिए पदक के दावेदारों के रूप में तैयार किया जा सकता है। भारत अहमदाबाद में इन खेलों की मेजबानी के लिए दावेदारी कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में इस पहल का ऐलान किया। बीजिंग ओलंपिक 2008 में व्यक्तिगत स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतने वाले बिंद्रा ने एक्स पर कहा ,‘‘ हर परीक्षा, हर समीक्षा और हर आंकड़े के पीछे एक बच्चा है जिसका एक सपना है।
’’ उन्होंने कहा ,‘‘हो सकता है कि 14 साल की उम्र में कोई बच्चा सबसे बेहतर न हो लेकिन 24 साल की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते उसमें असाधारण बनने की पूरी क्षमता हो सकती है। जैसे भारत इस महत्वपूर्ण सफर की शुरुआत कर रहा है, मुझे उम्मीद है कि हम एक ऐसी व्यवस्था बनायेंगे जो न केवल प्रतिभा को पहचाने, बल्कि उसे निखारने के लिए धैर्य भी रखे।
जिसमें तुरंत मिलने वाले नतीजों से आगे देखने की समझ हो और जिसमें इतनी संवेदना हो कि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी बच्चे का सपना कभी भी सिर्फ एक दिन की परीक्षा से तय न हो। ’’ चार चरण का मॉड्यूल फाउंडेशन, ग्रासरूट, इंटरमीडिएट और एलीट स्तर का होगा जिसे सरकार की टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (टॉप्स) का समर्थन हासिल है।
📡 स्रोत: NewsData.io