अगर दुकानदार मांगेगा एक्स्ट्रा पैसे तो 76% लोग छोड़ देंगे UPI पेमेंट- सर्वे
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अगर दुकानदार UPI पेमेंट पर एक्स्ट्रा चार्ज मांगता है, तो आने वाले समय में बड़ी संख्या में लोग पेमेंट करने का तरीका बदल सकते हैं.
एक नए सर्वे में UPI यूजर्स से पूछा गया कि अगर 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट पर दुकानदार आपसे एक्स्ट्रा पैसे मांगते हैं, तो क्या करेंगे?
लोकलसर्किल्स के सर्वे में शामिल सिर्फ 14% UPI यूजर्स ने कहा कि वे एक्स्ट्रा चार्ज देने के बावजूद भी UPI से पेमेंट जारी रखेंगे.
वहीं बाकीnलोगों ने दूसरे ऑप्शनों की ओर जाने यानी कैश, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या बैंक ट्रांसफर जैसे ऑप्शन अपनाने की बात कही.
यह सर्वे ऐसे समय में आया है, जब 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ UPI मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% MDR लागू होगा.
अगर दुकानदार एक्स्ट्रा पैसे मांगे तो क्या करेंगे?
लोकलसर्किल्स ने 291 जिलों के UPI यूजर्स से इस मुद्दे पर सर्वे किया.
हालांकि, इस सर्वे में 67,000 से ज्यादा प्रतिक्रियाएं मिलीं, जबकि खास तौर पर एक्स्ट्रा चार्ज से जुड़े सवाल पर 31,206 लोगों ने जवाब दिया.
इस सर्वे में 76% लोगों ने बताया कि अगर दुकानदार UPI पेमेंट पर उनसे एक्स्ट्रा रकम की मांग करता है, तो ऐसे में वे दूसरे ऑप्शन की ओर जा सकते हैं.
27% लोगों ने कैश से पेमेंट करने की बात कही.
26% लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करेंगे.
14% लोग डेबिट कार्ड से पेमेंट करेंगे.
4% लोग बैंक ट्रांसफर, NEFT या IMPS का ऑप्शन चुनेंगे.
9% लोग बिना एक्स्ट्रा चार्ज वाला दूसरा ऑप्शन मांगेंगे.
सिर्फ 14% लोग एक्स्ट्रा पैसा देकर UPI इस्तेमाल करते रहने को तैयार थे.
2% लोग खरीदारी टालने या रद्द करने की बात कह चुके हैं.
4% लोगों ने कोई जवाब नहीं दिया.
बड़े पेमेंट में UPI से दूरी बना सकते हैं लोग
दरअसल, सर्वे मेंलंबे समय के पेमेंट व्यवहार को लेकर भी सवाल किया गया.
सर्वे में मौजूद लोगों से पूछा गया कि अगर 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट पर एक्स्ट्र
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर बताती है कि यदि दुकानदार UPI पेमेंट पर 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क मांगता है, तो 76% लोग इस सुविधा को छोड़ने की प्रवृत्ति दिखा रहे हैं। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि UPI भारतीय डिजिटल भुगतान का मुख्य स्तम्भ है और इसके उपयोग में किसी भी बदलाव का असर लाखों उपभोक्ताओं पर पड़ता है। यदि अतिरिक्त चार्ज सामान्य हो जाएँ, तो लोग नकद, कार्ड या अन्य डिजिटल माध्यमों की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे UPI की वृद्धि रुक सकती है और व्यापारिक लेनदेन में असमानता बढ़ सकती है।