अगस्त में हुई पेट्रोल-डीजल की ताबड़तोड़ बिक्री, बिन मौसम बरसात बनी वजह
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अगस्त में पेट्रोल-डीजल की बिक्री ने रफ्तार पकड़ ली. इस बार बारिश के बदले मिजाज ने ईंधन की मांग को तेजी से बढ़ा दिया.
कई इलाकों में बारिश समय पर नहीं हुई और कुछ जगहों पर जरूरत के हिसाब से बारिश नहीं हुई, जिससे किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए डीजल पंप ज्यादा चलाने पड़े. वहीं, पेट्रोल की बिक्री में भी अच्छी खासी बढ़ोतरी दर्ज हुई.
देश की तीन सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में पेट्रोल की बिक्री साल के आधार पर 9.1% ज्यादा होकर 34.8 लाख टन हो गई.
पिछले साल अगस्त में ये 31.9 लाख टन थी. जुलाई में भी पेट्रोल की बिक्री 9.7% ज्यादा हुई थी.
अगस्त की बिक्री अगस्त 2024 के मुकाबले 14% और अगस्त 2023 के मुकाबले 30.7% ज्यादा रही.
जुलाई की तुलना में भी पेट्रोल की बिक्री करीब 1% ज्यादा हुई.
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डीजल की मांग में 10.2% इजाफा
अगस्त में डीजल की बिक्री साल के आधार पर 10.2% ज्यादा होकर 62.7 लाख टन हो गई.
पिछले साल अगस्त में ये 56.9 लाख टन थी. जुलाई में डीजल की बिक्री 10.7% ज्यादा हुई थी. यानी लगातार दूसरे महीने डीजल की मांग में 10% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई.
डीजल का इस्तेमाल माल ढुलाई, कृषि मशीनों और सिंचाई के लिए बड़े पैमाने पर होता है.
बारिश देर से और कही ज्यादा और कहीं कम होने के वजह से किसानों को खेतों में पानी पहुंचाने के लिए डीजल पंप ज्यादा चलाने पड़े.
लेकिन, जुलाई की 71.3 लाख टन बिक्री के मुकाबले अगस्त में डीजल की बिक्री 12% कम रही. इसके बावजूद ये अगस्त 2024 से 9.7% और अगस्त 2023 से 6.3% ज्यादा रही.
जेट फ्यूल की बिक्री भी बढ़ी
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📡 स्रोत: ABP Live Vyapar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
पेट्रोल और डीजल की बिक्री में अगस्त माह में तेज़ी आई, जिसका मुख्य कारण अनियमित वर्षा और किसानों की सिंचाई के लिए डीजल पंपों का अधिक चलना था। यह विषय दर्शाता है कि मौसम में बदलाव से ऊर्जा मांग पर सीधा प्रभाव पड़ता है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ऊर्जा बाजार की अस्थिरता और किसानों की आर्थिक स्थिति को उजागर करती है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि पेट्रोल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे रोज़मर्रा के परिवहन और घरेलू खर्चों पर दबाव पड़ेगा, तथा कृषि उत्पादकता पर भी असर पड़ेगा।