अजब-गजब है निर्वाचन विभाग:एक बिल्डिंग-एक ही फ्लोर, लेकिन वार्ड दो; आमने-सामने फ्लैट, अब पार्षद होंगे अलग-अलग
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →वार्डों के सीमांकन में घर और बिल्डिंग के दो फाड़ किए नगर निगम चुनाव में वार्डों के सीमांकन में ऐसी ऐसी खामियां सामने आई हैं, जिससे लोग चौंक जा रहे हैं। ताजा मामला न्यू फ्लोरा स्थित उदय टावर्स कॉम्पलेक्स का है। यहां ए-बी-सी तीन बिल्डिंग्स के 77 फ्लैट्स में रहने वाले निवासी यह समझ नहीं पा रहे हैं कि वे किस वार्ड की सीमा में आते हैं।
दरअसल, महज 3 फीट की दूरी पर आमने-सामने स्थित फ्लैट्स को दो अलग-अलग वार्डों में बांट दिया गया है। इस कारण से लोग भी असमंजस में है कि भविष्य में काम कराने के लिए किस वार्ड के पार्षद के पास जाएंगे, यह तय करना मुश्किल हो रहा है। तकरीबन 25-26 लोगों के नाम वार्ड 75 में डाल दिए गए हैं, तो 20-22 लोग वार्ड 78 का हिस्सा बना दिए गए हैं।
इससे कई समस्याएं सामने आ रही हैं, जैसे बीएलओ के लिए एक ही फ्लोर पर दो अलग-अलग वार्डों की पर्चियां बांटना सिरदर्द बन चुका है। इसके साथ ही कहां जाएं वोट डालने?
चुनाव के दिन परिवार और पड़ोसियों को अलग-अलग पोलिंग बूथों पर जाना पड़ेगा। असमंजस: बिल्डिंग के लोग काम के लिए किस पार्षद के पास जाएंगे उदय टावर्स के एक ही फ्लोर पर स्थित फ्लैट नंबर 303 में रहने वाले एनके गोयल और उनके परिवार का नाम वार्ड नंबर 75 की वोटर लिस्ट में शामिल किया गया है। वहीं, ठीक उनके सामने महज तीन कदम की दूरी पर फ्लैट नंबर 302 में रहने वाले शर्मा परिवार का नाम वार्ड नंबर 78 की लिस्ट में दर्ज है। उदय टावर रेजिडेंस वेलफेयर सोसाइटी के सचिव प्रो.
सुशील भटनागर का कहना है कि एक ही कॉम्प्लेक्स, एक ही फ्लोर और आमने-सामने फ्लैट्स होने के बावजूद दो अलग वार्ड बना दिए गए हैं। विकास कार्य या नागरिक समस्याओं के लिए आखिर लोग किसके पास जाएं? यह समझ से परे है।
📡 स्रोत: NewsData.io