अजमेर में निर्माणाधीन रेलवे-क्वार्टर से गिरने से मजदूर की मौत:परिजनों ने शव उठाने से किया इनकार, मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →अजमेर के अलवर गेट थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन रेलवे क्वार्टर में काम करने के दौरान ऊंचाई से गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई। हादसे के बाद परिजन और रावत समाज के लोग अस्पताल की मोर्च्युरी पर जमा हो गए और ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने उचित मुआवजे की मांग करते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया।
सूचना पर अलवर गेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश के प्रयास शुरू किए। मौके पर भारी पुलिस बल पर तैनात किया गया। मामला शनिवार दोपहर मदार रेलवे स्टेशन के सामने निर्माणाधीन रेलवे क्वार्टर का है। फिलहाल मृतक के परिजन धरने पर बैठे हैं। दूसरी-तीसरी मंजिल पर काम करते समय नीचे गिरा मृतक की पहचान घूघरा भूडोल निवासी महेंद्र सिंह रावत के रूप में हुई है।
जनप्रतिनिधि अशोक सिंह रावत के अनुसार, मदार स्टेशन के सामने ठेकेदार रवि बंसल की ओर से रेलवे क्वार्टर का निर्माण कराया जा रहा है। आरोप है कि निर्माण स्थल पर मजदूरों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। मजदूरों को हेलमेट सहित अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। साथ ही ऊंचाई पर काम के दौरान सुरक्षा जाल या मजबूत पाड़ की व्यवस्था नहीं थी।
इसी दौरान महेंद्र सिंह ऊंचाई से नीचे गिर गया और उसकी मौत हो गई। 2 महीने से कर रहा था मजदूरी, परिवार का इकलौता कमाने वाला परिजनों और प्रदर्शनकारियों के अनुसार, महेंद्र सिंह पिछले करीब एक-दो माह से निर्माण स्थल पर मजदूरी कर रहा था। वह परिवार में कमाने वाला इकलौता सदस्य था। उसके परिवार में पत्नी और छोटे बच्चे हैं।
हादसे के बाद परिजनों ने ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उचित मुआवजे की मांग की है।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ जनता का संदेश का मत
मजदूरों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना समाज की जिम्मेदारी है। जब दुर्घटना हो, तो परिवारों को सहानुभूति और त्वरित सहायता मिले, न कि केवल मुआवजे की मांग। ठेकेदारों को सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य करना चाहिए, और श्रमिकों को प्रशिक्षण व हेल्मेट जैसे उपकरणों की सुविधा दिलानी चाहिए। इस घटना से सीखें कि रोकथाम ही सबसे अच्छा इलाज है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियाँ न हों।