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अजमेर में रोबोट ने किया जटिल ऑपरेशन

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 13 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
अजमेर में रोबोट ने किया जटिल ऑपरेशन

एलएन अस्पताल में रोबोट की मदद से हुई सफल ‘मेश रेक्टोपेक्सी’, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत मरीज का पूरा इलाज निःशुल्क

अजमेर, 13 अक्टूबर। चिकित्सा के क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की दिशा में अजमेर के जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) मेडिकल कॉलेज अस्पताल ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में पहली बार रोबोटिक तकनीक की मदद से रेक्टल प्रोलेप्स की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। पिछले दो साल से इस बीमारी से परेशान मरीज को ऑपरेशन के बाद राहत मिली है। खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत मरीज का पूरा इलाज निःशुल्क किया गया।

अस्पताल में लैप्रोस्कोपिक एवं रोबोटिक सर्जन डॉ. शिव कुमार बुनकर ने अपनी टीम के साथ इस सर्जरी को अंजाम दिया। मरीज लंबे समय से मलाशय के बाहर निकलने की समस्या से पीड़ित था। परेशानी बढ़ने पर उसने चिकित्सकीय परामर्श लिया। जांच और आवश्यक चिकित्सकीय आकलन के बाद डॉ. श्याम भूतड़ा के मार्गदर्शन में ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद रोबोटिक तकनीक की सहायता से ‘मेश रेक्टोपेक्सी’ प्रक्रिया के जरिए सर्जरी की गई।

डॉ. शिव कुमार बुनकर के अनुसार, रेक्टल प्रोलेप्स ऐसी स्थिति है, जिसमें मलाशय अपनी सामान्य स्थिति से नीचे खिसककर गुदा मार्ग से बाहर आने लगता है। यह समस्या मलाशय और पेल्विक फ्लोर को सहारा देने वाली मांसपेशियों के कमजोर होने सहित विभिन्न कारणों से हो सकती है। इसके उपचार में मरीज की स्थिति के अनुसार सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है। रोबोटिक तकनीक की मदद से जटिल ऑपरेशन के दौरान सर्जन को अधिक सटीकता के साथ काम करने में मदद मिलती है।

इस सर्जरी की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि मरीज को महंगे उपचार के लिए अपनी जेब से खर्च नहीं करना पड़ा। अस्पताल के सहायक अधीक्षक डॉ. अमित यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के अंतर्गत मरीज का पूरा इलाज निःशुल्क किया गया। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिल सामरिया की देखरेख में ऑपरेशन से पहले की आवश्यक तैयारियों और ऑपरेशन के बाद गहन चिकित्सा देखभाल की व्यवस्था भी की गई।

रोबोटिक सर्जरी में छोटे चीरे लगाने और जटिल शारीरिक संरचनाओं तक अधिक सटीकता से पहुंचने की सुविधा मिल सकती है। पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में उपयुक्त मरीजों में इस तकनीक से दर्द, रक्तस्राव और अस्पताल में रहने की अवधि कम हो सकती है। हालांकि, परिणाम मरीज की स्थिति, बीमारी की गंभीरता और सर्जरी की प्रकृति पर निर्भर करते हैं।

जेएलएन मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इस तरह की सर्जरी का सफल होना अजमेर और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए महत्वपूर्ण है। इससे सरकारी चिकित्सा संस्थानों में उन्नत तकनीक के इस्तेमाल और जरूरतमंद मरीजों तक आधुनिक उपचार पहुंचाने की संभावनाएं मजबूत होती हैं। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत निःशुल्क उपचार मिलने से मरीज को आर्थिक राहत भी मिली है।

बाइट : डॉ अनिल सामरिया जेएलएन मेडिकल कालेज प्रिंसिपल

बाइट : डॉ अमित यादव

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।