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अजीत अगरकर-वीवीएस लक्ष्मण में हो जाती भयंकर लड़ाई! रिव्यू मीटिंग में कट जाता बवाल, चोटिल प्लेयर्स को लेकर बढ़ी थी टेंशन

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 21 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
अजीत अगरकर-वीवीएस लक्ष्मण में हो जाती भयंकर लड़ाई! रिव्यू मीटिंग में कट जाता बवाल, चोटिल प्लेयर्स को लेकर बढ़ी थी टेंशन

Ajit Agarkar vs VVS laxman Rift: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की सितंबर में हुई रिव्यू मीटिंग को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है.

रिपोर्ट के मुताबिक, इस मीटिंग में टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) के हेड वीवीएस लक्ष्मण के बीच बहस होने की आशंका थी.

दोनों पूर्व भारतीय खिलाड़ी लंबे समय से कई मुद्दों पर अलग-अलग राय रखते हैं. ऐसे में अगरकर का मीटिंग में शामिल नहीं होना BCCI के लिए राहत की बात माना गया.

बताया जा रहा है कि दोनों के बीच सीओई के कामकाज और खिलाड़ियों के रिहैब को लेकर मतभेद हैं.

अगरकर और लक्ष्मण के बीच चल रहे इस विवाद को अगरकर के कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाने में उनकी हिचकिचाहट की एक वजह भी बताया जा रहा है. अगरकर का मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट इसी महीने खत्म होने वाला है.

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दोनों के बीच मतभेद पहले की सोच से ज्यादा गंभीर हैं.

खासतौर पर खिलाड़ियों की चोट, फिटनेस और रिहैब के मामले में दोनों की सोच अलग बताई जा रही है.

अगरकर इस बात से भी परेशान बताए जा रहे हैं कि टीम के कई बड़े खिलाड़ी लगातार चोट के कारण बाहर हो रहे हैं.

लगातार चोटिल खिलाड़ियों से बढ़ी परेशानीएक समय टीम के करीब 12 खिलाड़ी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब कर रहे थे.

इस दौरान कुछ खिलाड़ियों को जल्दी टीम में वापस लाने और सेलेक्टर्स को रिहैब प्लान की पूरी जानकारी नहीं होने की भी बातें सामने आईं.

टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने भी इस परेशानी को माना था, उन्होंने कहा था, “अगर मैं ईमानदारी से जवाब दूं, तो हां, यह एक समस्या है. खासकर टेस्ट और वनडे क्रिकेट में, क्योंकि अगला वर्ल्ड कप वनडे फॉर्मेट में है.

एक युवा कप्तान के लिए भी यह सही नहीं है कि उसे लगातार अपनी बेस्ट टीम न मिले.” गंभीर ने शुभमन गिल को लेकर भी जताई चिंतागौतम गंभीर ने शुभमन गिल को लगातार मजबूत टीम देने की जरूरत पर जोर दिया और कहा, “इसीलिए मुझे पूरी ईमानदारी से कहना होगा कि एक कोच के तौर पर मैं सभी आलोचनाएं झेल सकता हूं, लेकिन मेरे लिए जरूरी है कि शुभमन को रेड बॉल और व्हाइट बॉल दोनों फॉर्मेट में ज्यादा से ज्यादा बार अपनी बेस्ट टीम मिले.” इसके अलावा वह वीवीएस लक्ष्मण लगातार सीओई का बचाव करते रहे हैं.

उनका कहना है कि सीओई का काम सिर्फ चोटिल खिलाड़ियों का रिहैब करना नहीं है.

📡 स्रोत: NewsData.io

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

इस खबर में भारतीय क्रिकेट के प्रमुख निर्णयकर्ताओं अजीत अगरकर और वीवीएस लक्ष्मण के बीच एक तीव्र बहस की बात है, जो सितंबर में बांग्लादेश में हुई रिव्यू मीटिंग के दौरान सामने आई। यह विषय महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों पूर्व खिलाड़ियों के बीच मतभेद लंबे समय से चल रहे हैं और उनके बीच का टकराव क्रिकेट प्रशासन की एकता और निर्णय प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े कर सकता है। यदि इस विवाद को सही ढंग से सुलझाया नहीं गया, तो इससे टीम के चयन, रणनीति और खिलाड़ी विकास पर असर पड़ सकता है, जिससे आम जनता और प्रशंसकों में असम

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