व्यापार

अलीगढ़ में उपभोक्ता आयोग दिया आदेश:तेल कारोबार के नाम पर लिए 12 लाख, न हिसाब दिया न रकम लौटाई, अब 8% ब्याज समेत करना होगा भुगतान

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 10 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
अलीगढ़ में उपभोक्ता आयोग दिया आदेश:तेल कारोबार के नाम पर लिए 12 लाख, न हिसाब दिया न रकम लौटाई, अब 8% ब्याज समेत करना होगा भुगतान

सरसों का बीज खरीदकर तेल निकालने और बिक्री से मुनाफा देने के नाम पर 12 लाख रुपये लेने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, अलीगढ़ ने व्यापारी के खिलाफ आदेश दिया है। आयोग ने ताला नगरी निवासी मुकेश चौहान को शिकायतकर्ता वसीक अहमद की 12 लाख रुपये की रकम 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने के निर्देश दिए हैं।

इसके अलावा 5 हजार रुपये मुकदमा खर्च भी देना होगा। आयोग की पीठ ने मामले में सरसों बीज की खरीद, तेल की बिक्री और उससे हुए लाभ का पूरा स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट भी पेश करने का आदेश दिया है। चार किस्तों में लगाए थे 12 लाख जमालपुर निवासी वसीक अहमद के अनुसार, वह मुकेश चौहान के साथ कमीशन के आधार पर सरसों के तेल का कारोबार करते थे।

7 अप्रैल 2024 को मुकेश ने उन्हें प्रस्ताव दिया कि उनकी रकम से सरसों का बीज खरीदा जाएगा। एक्सपेलर से तेल निकलवाकर बाजार में बिक्री की जाएगी और तय कमीशन काटकर मुनाफा उन्हें दिया जाएगा। इस पर दोनों के बीच लिखित समझौता हुआ। वसीक ने पहले 3 लाख रुपये लगाए। इसके बाद 24 जून 2024 को हुए दूसरे समझौते में 5 लाख रुपये दिए।

बाद में 2-2 लाख रुपये की दो और रकम दी गईं। इस तरह कुल निवेश 12 लाख रुपये हो गया। गारंटी के लिए दिए चार चेक रकम की सुरक्षा के लिए मुकेश चौहान ने वसीक को 3 लाख, 5 लाख, 2 लाख और 2 लाख रुपये के चार चेक दिए थे। आरोप है कि कारोबार से मुनाफा देने और मूल रकम लौटाने का समय आया तो मुकेश ने न तो भुगतान किया और न ही तेल की खरीद-बिक्री का हिसाब उपलब्ध कराया।

इसके बाद वसीक ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दाखिल की। सुनवाई के दौरान उन्होंने दोनों समझौतों की प्रतियां, चारों चेक और शपथपत्र समेत अन्य दस्तावेज पेश किए। नोटिस के बाद भी आयोग में नहीं पहुंचा विपक्षी आयोग के अनुसार, मुकेश चौहान को मामले में पर्याप्त नोटिस दिए गए, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुआ और न ही अपना लिखित जवाब दाखिल किया।

ऐसे में आयोग ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की एकतरफा सुनवाई की। अध्यक्ष हसनैन कुरैशी और सदस्य पूर्णिमा सिंह राजपूत की पीठ ने शिकायतकर्ता के दस्तावेजों के आधार पर उसके पक्ष को स्वीकार किया और आदेश पारित किया। 45 दिन में करना होगा आदेश का पालन आयोग ने निर्देश दिया है कि मुकेश चौहान 12 लाख रुपये की मूल रकम पर आदेश के अनुसार 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का भुगतान करे।

साथ ही 5 हजार रुपये वाद व्यय के रूप में देने होंगे और सरसों के कारोबार का पूरा लेखा-जोखा प्रस्तुत करना होगा। आदेश का पालन निर्धारित 45 दिनों में नहीं करने पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 72 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)
J
JKS News Desk

जनता का संदेश की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।