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अल्मोड़ा में 53वां कृषि विज्ञान मेला आयोजित, सभी जिलों से किसानों ने किया प्रतिभाग

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 28 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
अल्मोड़ा में 53वां कृषि विज्ञान मेला आयोजित, सभी जिलों से किसानों ने किया प्रतिभाग

28 सितम्बर 2026, अल्मोड़ा: विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा के हवालबाग प्रक्षेत्र में 53वां कृषि विज्ञान मेला आयोजित किया गया। मेले में प्रदेश के सभी जिलों से किसानों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान किसानों ने सब्जी, फल, बीज और हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई। वहीं, संस्थान की ओर से विकसित आधुनिक कृषि तकनीक और यंत्रों का प्रदर्शन भी किया गया।

संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मीकांत ने बताया कि संस्थान अब तक 25 से अधिक फसलों की 400 से अधिक उन्नत प्रजातियां विकसित कर चुका है, जो किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान मेला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

बाइट- डॉ. लक्ष्मीकांत, निदेशक, विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा

कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल, नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार ने कहा कि कृषि विज्ञान मेले के माध्यम से किसानों को नई कृषि तकनीकों की जानकारी मिल रही है। इससे किसानों को लाभ हो रहा है और कृषि क्षेत्र में आय के नए अवसर भी बढ़ रहे हैं।

बाइट- डॉ. संजय कुमार, अध्यक्ष, कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल, नई दिल्ली

पंडित गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान, कोसी के तकनीकी परिसर के समन्वयक डी.एस. बिष्ट ने बताया कि ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए संस्थान की ओर से पिरूल के उपयोग पर विशेष कार्य किया जा रहा है। तकनीकी परिसर में पिरूल से कार्यालय फाइल और कोयला तैयार किया जा रहा है तथा ग्रामीणों को इसका प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

वहीं, उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. आर.एस. मीणा ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र के मार्गदर्शन में किसान प्राकृतिक खेती अपना रहे हैं, जिससे उन्हें लाभ मिल रहा है।

बाइट-डी.एस. बिष्ट, समन्वयक, पंडित जी.बी. पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान, कोसी, अल्मोड़ा।

बाइट-डॉ. आर.एस. मीणा, कृषि विज्ञान केंद्र, चिन्यालीसौड़, उत्तरकाशी

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।