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अमरीका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते से भारत को प्रतिस्पर्धा में मिलेगी बढ़त: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 29 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
अमरीका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते से भारत को प्रतिस्पर्धा में मिलेगी बढ़त: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि अमरीका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते से किसानों के हितों की रक्षा होगी और भारत को प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस समझौते में किसानों या किसी अन्य पक्ष के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा। श्री गोयल ने कहा कि भारत ने 38 विकसित देशों के साथ 9 व्यापार समझौते किए हैं। इन देशों की कुल अर्थव्यवस्था का आकार 60 ट्रिलियन डॉलर है। वे आज नई दिल्ली में भारत के औद्योगिक बदलाव पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

श्री गोयल ने कहा कि भारत के औद्योगिक विकास में गुणवत्ता, वैश्विक बाजारों तक पहुंच और सभी को अवसर देने पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नए विचारों और तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए सरकार, निजी क्षेत्र और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग आवश्यक है। विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए उन्होंने सरकार, उद्योग जगत, शिक्षण संस्थानों और शोध संगठनों से मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने में देश के सभी एक अरब 40 करोड़ भारतीयों की भागीदारी जरूरी है।

श्री गोयल ने विश्वास जताया कि भारत अगले 20 से 25 वर्षों तक दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा। उन्होंने इसका श्रेय देश के लोगों की प्रतिभा, कौशल और ऊर्जा को दिया। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में हुए व्यापार समझौतों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों से संयुक्त शोध, तकनीक के विकास और औद्योगिक सहयोग के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। इन साझेदारियों से भारत की घरेलू क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता और निवेश का लाभ मिलेगा।

इस सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में भारत के औद्योगिक भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।