'अमेरिका खुद दलदल में फंसा', ईरानी संसद में स्पीकर गालिबफ ने ट्रंप को दी चेतावनी
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Iranian Parliament Speaker Ghalibaf: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने अमेरिका को चेतावनी दी है.
उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़कर अमेरिका खुद मुश्किल में फंस गया है. अब इस संकट से बाहर निकलने की जिम्मेदारी भी उसी की है. गालिबफ ने साफ कहा कि सैन्य धमकियों और दबाव के जरिए ईरान को झुकाया नहीं जा सकता.
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ISNA के मुताबिक, रविवार को तेहरान में संसद के सत्र के दौरान गालिबफ ने कहा कि अमेरिका ने गलत आकलन करके ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया और अब वह खुद इस स्थिति से निकलने की कोशिश कर रहा है.
उन्होंने कहा कि अमेरिका को लगता है कि मीडिया के जरिए दबाव बनाने और सैन्य कार्रवाई की धमकी देने से ईरान को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर किया जा सकता है. लेकिन आज का ईरान पहले के पहलवी शासन के दौर जैसा नहीं है.
उनके मुताबिक, ईरान अपनी रक्षा करने की क्षमता और मजबूत इरादों के दम पर किसी भी विदेशी ताकत के सामने नहीं झुकेगा.
ईरान की संप्रभुता को चुनौती देने पर जवाब देने की चेतावनी गालिबफ ने कहा कि ईरान किसी भी संभावित हमले का सामना करने और अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने के लिए तैयार है.
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी विदेशी ताकत ने ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन किया, तो उसे ऐसा जवाब दिया जाएगा जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की होगी.
उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर युद्ध या नेताओं की हत्या की धमकियां ईरान को अपने अधिकारों और हितों से पीछे हटने के लिए मजबूर नहीं कर सकतीं. ईरानी संसद के स्पीकर ने अमेरिका के कूटनीतिक प्रयासों पर भी सवाल उठाए.
उन्होंने कहा कि जब तक वॉशिंगटन अपना व्यवहार नहीं बदलता, धमकी देने की नीति नहीं छोड़ता और पहले किए गए वादों को पूरा करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाता, तब तक ईरान को अमेरिकी दावों पर भरोसा नहीं होगा.
ट्रंप ने ईरान पर जल्द हमले की संभावना जताई गालिबफ का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को ईरान पर जल्द हमले की संभावना से इनकार नहीं किया था.
फ्लोरिडा में मिडटर्म चुनावों के लिए मतदान करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप से पूछा गया कि क्या अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है. इस पर उन्होंने कहा कि संभव है कि हमला अगले दिन ही हो जाए.
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच एक बड़ा समझौता होने की संभावना भी है.
ट्रंप के मुताबिक, ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन सवाल यह है कि क्या वह समझौते की शर्तों का पालन करेगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने पश्चिम एशिया में अपनी सरकार की रणनीति का बचाव करते हुए अमेरिकी नौसेना और सेना की तारीफ भी की.
उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई में ईरान के लड़ाकू विमानों को नष्ट कर दिया गया है और 259 जहाज समुद्र में डूब चुके हैं.
ट्रंप ने यह भी कहा कि अब ईरान के सामने रिकॉर्ड महंगाई जैसी गंभीर आर्थिक समस्या है.
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान का बड़ा बयान इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि आगे युद्ध होता है या नहीं, इससे ईरान की नीतियों में बदलाव नहीं आएगा.
उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के खिलाफ कोई भी नई सैन्य कार्रवाई बेअसर साबित होगी. अराघची ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी अहम बयान दिया.
उन्होंने कहा कि 40 दिनों तक चले संघर्ष के बाद यह समुद्री मार्ग पहले जैसी स्थिति में वापस नहीं आएगा. उनके मुताबिक, युद्ध ने क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़े हालात को बदल दिया है.
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है.
यहां तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ सकता है.
📡 स्रोत: NewsData.io