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अमेरिका के साथ मिलकर क्या कुछ बड़ा प्लान कर रहा भारत? अचानक पाक बॉर्डर के पास उतरे 600 US सोलर्जस

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 24 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
अमेरिका के साथ मिलकर क्या कुछ बड़ा प्लान कर रहा भारत? अचानक पाक बॉर्डर के पास उतरे 600 US सोलर्जस

भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच सालाना होने वाला संयुक्त सैन्य अभ्यास युद्धभ्यास 2026 शुरू हो गया है। यह इस अभ्यास का 22वां संस्करण है। इस बार अभ्यास का खास जोर पहाड़ी और अर्ध पहाड़ी इलाकों में युद्ध की तैयारी ड्रोन और स्वायर प्रणालियों के इस्तेमाल इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप यानी आईबीजी और आधुनिक हथियार प्रणालियों पर है।

इस सैन अभ्यास की शुरुआत कल उत्तराखंड के ओली फॉरेन ट्रेनिंग नोट में उद्घाटन समारोह के साथ हुई। समारोह में भारतीय सेना की 14 इनफेंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल अमरीश गुंजन और अमेरिकी सेना की 11वीं एयरबन डिवीजन के फर्स्ट इनफेंट्री ब्रिगेड कॉम्बैट टीम के कमांडर कर्नल बेंजामिन जैकमन ने दोनों देशों के सैनिकों को संबोधित किया।

इस अभ्यास में भारत और अमेरिका के करीब 1200 सैन्यकर्मी हिस्सा ले रहे हैं। जिनमें दोनों देशों 600 सैनिक शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: जब-जब मर्चेंट फीस लगी, बोझ ग्राहकों पर ही पड़ा, 5 उदाहरण से समझें, UPI पेमेंट पर हर सवाल का जवाब यहां मिल सकता खास बात यह है कि अभ्यास सिर्फ ओली तक सीमित नहीं है बल्कि राजस्थान के बीकानेर स्थित महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भी समानांतर रूप से चल रहा है।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक युद्ध अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों सेनाओं की इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स को पहाड़ी और अर्ध पहाड़ी इलाकों में संयुक्त रूप से इस्तेमाल करने की क्षमता बढ़ाना है। इसमें खासतौर पर पैदल सेना पर आधारित अभियानों की ट्रेनिंग दी जा रही है। सरल भाषा में समझे तो दोनों देशों के सैनिक एक दूसरे के साथ मिलकर योजना बनाने, ऑपरेशन को अंजाम देने और अलग-अलग परिस्थितियों में तालमेल से काम करने का अभ्यास कर रहे हैं और इस दौरान दोनों सेनाएं अपनी रणनीति, तकनीक और युद्ध की प्रक्रिया को साझा करेंगी।

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Ed Sheeran के US टूर से बाहर हुए Macklemore, सपोर्टिंग आर्टिस्ट्स ने भी छोड़ा शो भारतीय सेना में आईबीजी एक नई तरह की संयुक्त सैन्य संरचना है। इसमें करीब 3000 से 4000 सैनिक हो सकते हैं और इसमें पैदल सेना के साथ टैंक, तोपखाना, एयर डिफेंस इंजीनियर, सिग्नल और दूसरी सहायता इकाइयां शामिल होती हैं।

यानी जरूरत पड़ने पर अलग-अलग सैन्य क्षमताओं को एक ही फॉरमेशन के तहत तेजी से इस्तेमाल करने की व्यवस्था है। भारतीय सेना ने इस साल अपनी पहली आईबीजी संरचनाओं को ऑपरेशनल किया है। युद्ध अभ्यास 2026 की सबसे अहम बातों में से एक नई सैन्य तकनीक का इस्तेमाल है। अभ्यास के दौरान निगरानी के लिए ड्रोन और ऑटोनॉमस सिस्टम इस्तेमाल किए जाएंगे।

महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आधुनिक हथियार सिस्टम्स का प्रदर्शन किया जाएगा। दोनों देशों के सैन्य विशेषज्ञ उभरती तकनीकों और मल्टी डोमेन वॉरफेयर पर अपने अनुभव साझा करेंगे। मल्टीडोमेन वॉरफेयर का मतलब है कि आधुनिक सैन्य अभियान में जमीन, हवा, समुद्र, अंतरिक्ष, साइबर और दूसरे क्षेत्रों से जुड़ी क्षमताओं को आपस में जोड़कर इस्तेमाल करना।

इस बार अभ्यास में अमेरिकी सेना की थर्ड मल्टीडोमेन टास्क फोर्स भी शामिल है। इसके जरिए लंबी दूरी तक सटीक हमला करने वाले सिस्टम्स और आधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम को अभ्यास के ढांचे में शामिल किया जा रहा है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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