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अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन में भारतवंशी पिया डांडिया की जीत, ट्रंप की पार्टी के उम्मीदवार को दी मात

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 4 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन में भारतवंशी पिया डांडिया की जीत, ट्रंप की पार्टी के उम्मीदवार को दी मात

US Midterm Election 2026: अमेरिका के मिडटर्म इलेक्शन 2026 के नतीजे आने लगे हैं. इस चुनाव में कई भारतीय मूल के कई उम्मीदवरों ने जीत हासिल की है. इनमें भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेट पिया डंडिया का नाम भी शामिल है.

पिया डांडिया ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का चुनाव जीत लिया है. उन्होंने इस चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी अस्कर को मात दी है.

बुधवार को घोषित अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन के नतीजों के मुताबिक, पूर्व हाई स्कूल प्रिंसिपल डंडिया को 51.9 प्रतिशत वोट मिले, जबकि अस्कर को 49.1 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए.

फ्लोरिडा से चुनी जाने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी बनीं पिया डंडिया बता दें कि इस जीत के साथ ही पिया डंडिया अमेरिकी कांग्रेस के लिए चुनी जाने वाली सबसे नई भारतीय-अमेरिकी महिला बन गई हैं.

उनकी जीत भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए एक अहम पड़ाव माना जा रहा है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह फ्लोरिडा से अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए चुनी जाने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी हैं और अमेरिकी कांग्रेस में पहुंचने वाली 10वीं भारतीय-अमेरिकी बन गई हैं.

पिया डंडिया के माता-पिता भारत से अमेरिका जाकर बस गए थे.

शुरुआत में, डंडिया ने फ्लोरिडा के 21वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से रिपब्लिकन ब्रायन मास्ट को चुनौती देने की योजना बनाई थी.

हालांकि, बाद में उन्होंने अपना चुनाव अभियान फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में ट्रांसफर कर लिया.

यह निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन (रीडिस्ट्रिक्टिंग) के बाद बना एक नया क्षेत्र था, जहां कोई मौजूदा प्रतिनिधि चुनाव नहीं लड़ रहा था.

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, 'इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट' के कार्यकारी निदेशक चिंतन पटेल ने एक बयान में कहा, "फ्लोरिडा का 22वां डिस्ट्रिक्ट डेमोक्रेट्स के लिए सबसे कड़े मुकाबले वाले क्षेत्रों में से एक था और पिया ने इसे 'ब्लू' (डेमोक्रेटिक) बना दिया है." उन्होंने आगे कहा, "'इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट' को शुरुआत से ही उनका समर्थन करने पर गर्व है, और हम आज रात उनकी जीत पर उन्हें बधाई देते हैं." कौन हैं पिया डंडिया?

पिया डांडिया की कैंपेन की वेबसाइट के मुताबिक, डंडिया पहली पीढ़ी की अमेरिकी हैं.

उन्होंने अपने करियर में हाई स्कूल प्रिंसिपल, पॉलिसी लीडर और टेक्नोलॉजी इनोवेटर के रूप में काम करते हुए समुदायों को मजबूत करने पर ध्यान दिया है.

फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी में जन्मीं और पली-बढ़ीं पिया डंडिया ने अपने करियर की शुरुआत एक टीचर के तौर पर की थी.

इसके बाद उन्होंने न्यूयॉर्क के हार्लेम में एक हाई स्कूल की प्रिंसिपल के रूप में काम किया.

बाद में, उन्होंने एक हाई स्कूल की स्थापना की, जिसका मकसद कम आय वाले परिवारों के छात्रों के लिए बेहतर मौके पैदा करना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद करना था.

कैंपेन की वेबसाइट के मुताबिक, इस स्कूल के सभी ग्रेजुएट्स को कॉलेज में एडमिशन मिला, जबकि यहां के 86 प्रतिशत छात्र कम आय वाले परिवारों से आते थे.

पिया डंडिया 28 साल की उम्र में इस स्कूल की फाउंडिंग प्रिंसिपल बनीं, जिससे वह देश की सबसे कम उम्र की हाई स्कूल प्रिंसिपलों में से एक बन गईं.

सुहास सुब्रमण्यम वर्जीनिया से अमेरिकी कांग्रेस के लिए फिर दर्ज की जीत इस बीच, भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेट सुहास सुब्रमण्यम को वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (अमेरिकी प्रतिनिधि सभा) के लिए फिर से चुन लिया गया है. 40 वर्षीय सुब्रमण्यम को 61.5 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिले.

उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार डेव बेकविथ को हराया, जिन्हें इस चुनाव में 36.4 प्रतिशत वोट मिले.

बता दें कि इससे पहले, सुब्रमण्यम अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के सलाहकार के रूप में भी काम कर चुके हैं. कौन हैं सुहास सुब्रमण्यम?

ह्यूस्टन में भारतीय माता-पिता के घर जन्मे सुहास की रुचि सार्वजनिक सेवा में तब जगी, जब वे न्यू ऑरलियन्स की टुलने यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे थे.

वहां उन्होंने 'हरिकेन कैटरीना' से प्रभावित समुदायों के पुनर्निर्माण के लिए स्वयंसेवकों को संगठित करने में मदद की. सुब्रमण्यम ने कैपिटल हिल में एक पॉलिसी सहयोगी के रूप में काम किया.

वहां उन्होंने लाखों अमेरिकियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने और उसे बेहतर बनाने का काम किया, आव्रजन सुधार (इमिग्रेशन रिफॉर्म) के समर्थन में दोनों दलों का एक गठबंधन बनाने में मदद की.

साथ ही पूर्व सैनिकों, वरिष्ठ नागरिकों तथा कामकाजी परिवारों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और फंडिंग जुटाने से जुड़े कानून का मसौदा भी तैयार किया.

नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से ऑनर्स के साथ लॉ की डिग्री हासिल करने के बाद, सुब्रमण्यम ने राष्ट्रपति ओबामा के कार्यकाल में व्हाइट हाउस में टेक्नोलॉजी पॉलिसी सलाहकार के रूप में काम किया.

व्हाइट हाउस में काम करने के बाद, सुब्रमण्यम ने लाउडन काउंटी में अपना छोटा व्यवसाय शुरू किया.

साथ ही, एक स्वयंसेवक EMT (आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन) और फायरफाइटर के रूप में भी सेवाएं दीं. 2019 में वे वर्जीनिया जनरल असेंबली के लिए चुने गए और दो कार्यकाल तक वहां सेवा दी. 2024 में अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए चुने जाने से पहले, सुब्रमण्यम वर्जीनिया स्टेट सीनेट के सदस्य भी रह चुके हैं.

📡 स्रोत: NewsData.io

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