अमेरिकी नागरिकों से 7.21 मिलियन डॉलर की साइबर ठगी, CBI ने ऐसे दबोचा
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केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर चलाए जा रहे बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी अंकित सतीशचंद्र पांडेय को गिरफ्तार किया है.
CBI के मुताबिक आरोपी अहमदाबाद, गुजरात से संचालित अवैध कॉल सेंटर की स्थापना और उसके संचालन में अहम भूमिका निभा रहा था.
इस सिंडिकेट ने अमेरिकी नागरिकों से कथित तौर पर 7.21 मिलियन डॉलर (करीब 60 करोड़ रुपये) से अधिक की ठगी की.
ऐसे रचते थे ठगी का जाल
जांच एजेंसी के अनुसार आरोपी और उसके साथी VoIP कॉल के जरिए खुद को अमेरिका की Federal Trade Commission (FTC), US Attorney, Critical Infrastructure Security Agency (CISA) और अन्य संघीय एजेंसियों के अधिकारी बताते थे.
इसके बाद पीड़ितों को डराया जाता था कि उनके कंप्यूटर सिस्टम का इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी तक पहुंच बनाने के लिए किया है.
डर और कानूनी कार्रवाई का दबाव बनाकर पीड़ितों को अपने बैंक खातों से रकम निकालने के लिए कहा जाता था.
इसके बाद उन्हें सोना खरीदने के लिए प्रेरित किया जाता और अमेरिका में नेटवर्क से जुड़े कूरियर के जरिए सोना आरोपियों तक पहुंचवाया जाता था.
2024 से सक्रिय था नेटवर्क
CBI ने बताया कि यह ट्रांसनेशनल साइबर-इनेबल्ड फाइनेंशियल फ्रॉड सिंडिकेट वर्ष 2024 से अहमदाबाद में अवैध कॉल सेंटरों के माध्यम से संचालित किया जा रहा था.
आरोपी आपस में आपराधिक साजिश के तहत काम करते थे और इस नेटवर्क में अन्य अज्ञात लोग भी शामिल थे.
8 सितंबर को दर्ज हुआ केस
CBI ने इस मामले में 8 सितंबर 2026 को अंकित सतीशचंद्र पांडेय और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था.
केस दर्ज होने के बाद एजेंसी न
📡 स्रोत: ABP Live
🎙️ जनता का संदेश का मत
साइबर धोखाधड़ी से प्रभावित सभी को सहानुभूति और आशा की बात बताना ज़रूरी है। यह घटना हमें डिजिटल साक्षरता, सतर्कता और वैध स्रोतों पर भरोसा करने की सीख देती है। यदि किसी को धोखा लगे, तो तुरंत बैंक या साइबर पुलिस से संपर्क करें, सबूत सुरक्षित रखें और कानूनी मार्ग अपनाएँ। समाज को एकजुट होकर साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना चाहिए, ताकि ऐसे अपराधों का कोई स्थान न रहे।