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अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने CJP नेता अभिजीत दिपके पर साधा निशाना, PM मोदी का किया समर्थन

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने CJP नेता अभिजीत दिपके पर साधा निशाना, PM मोदी का किया समर्थन

CJP Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ जारी विवाद के बीच अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन का बड़ा बयान सामने आया है.

उन्होंने CJP नेता अभिजीत दिपके पर अमेरिकी डोनर्स यानी दानदाताओं से संबंध होने का आरोप लगाया है साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर देश के विकास में योगदान देने की सलाह दी है.

दिपके को लेकर क्या बोलीं अमेरिकी सिंगर मिलबेन? अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया.

जिसमें उन्होंने कहा कि अभिजीत दिपके को अपने कौशल और अमेरिकी शिक्षा का इस्तेमाल सकारात्मक उद्देश्यों के लिए करना चाहिए.

उन्होंने आरोप लगाया कि कानून का उल्लंघन करने वालों को आखिर तक कामयाबी नहीं मिलती. उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में उनके समर्थक भी साथ छोड़ सकते हैं.

अमेरिकी सिंगर ने पीएम मोदी का किया समर्थन मैरी मिलबेन ने अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी के जनसमर्थन का भी जिक्र किया.

उनका कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के नागरिकों का समर्थन प्राप्त है और उन्हें अपने राजनीतिक भविष्य के लिए अमेरिकी समर्थन पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है.

उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि 2029 के चुनाव में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्थन मिल सकता है.

विदेशी हस्तक्षेप पर दिपके ने उठाए सवाल बता दें कि मैरी मिलबेन की यह प्रतिक्रिया अभिजीत दिपके की उस पोस्ट के बाद आई, जिसमें उन्होंने भारत के घरेलू राजनीतिक मामलों में विदेशी नागरिकों की भूमिका पर सवाल उठाए थे.

दरअसल, दिपके ने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री मोदी अपने आलोचकों को निशाना बनाने के लिए अमेरिकी समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि भारत अपने आंतरिक मुद्दों का समाधान खुद करने में सक्षम है और देश के मामलों में बाहरी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए. दिपके की पोस्ट में मिलबेन के एक इंटरव्यू का भी जिक्र किया था.

उस इंटरव्यू में अमेरिकी गायिका ने भारतीय युवाओं से CJP के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की थी और दावा किया था कि अमेरिकी दानदाता इस राजनीतिक संगठन को आर्थिक सहायता दे रहे हैं.

SIR को लेकर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन बता दें कि यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब CJP और विपक्षी दल लगातार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठा रहे हैं.

इसके साथ ही विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहा है.

विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में नामों को हटाने की प्रक्रिया से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं.

प्रमिला जयपाल ने भी जताई चिंता इस बीच, अमेरिकी प्रतिनिधि प्रमिला जयपाल ने भारत में एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर चिंता जाहिर की.

उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया कि कि भारत में लगभग 13 करोड़ लोगों के नाम हटाने की कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदान के अधिकार को प्रभावित कर सकती है.

उन्होंने इसकी तुलना अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन से जुड़ी उन नीतियों से की, जिन पर मतदान के अधिकारों को सीमित करने की आशंका जताई जाती रही है.

📡 स्रोत: NewsData.io

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