अंडा-चिकन खाने वालों को झटका! दिसंबर तक 25-30% तक बढ़ सकते हैं दाम
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अगर आप हार्डकोर नॉनवेजिटेरियन हैं या प्रोटीन के लिए अंडा और चिकन खाते हैं, तो ये खबर आपके लिए अहम है.
क्योंकि आने वाले समय में अंडे और चिकन की कीमतों में इजाफा होने वाला है, जिसके चलने प्रोटीन डायट के लिए आपको ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं.
पोल्ट्री कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि दिसंबर 2026 तक अंडे और चिकन की कीमतें 25% से 30% तक बढ़ सकती हैं.
इसकी सबसे बड़ी वजह मुर्गियों को खिलाए जाने वाले दाने यानी पोल्ट्री फीड की कीमतों में तेज बढ़ोतरी है.
पोल्ट्री फीड बनाने में मक्का और टूटे चावल का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाता है. पिछले एक साल में इन दोनों चीजों के दाम काफी बढ़ गए हैं.
मक्का और टूटे चावल के दाम बढ़े
पोल्ट्री फीड में मक्का की बड़ी हिस्सेदारी होती है.
ब्रॉयलर मुर्गियों के दाने में वजन के हिसाब से करीब 55% से 65% तक मक्का इस्तेमाल होता है. रिपोर्ट के मुताबिक, मक्का और टूटे चावल की कीमतों में तेजी आई है.
मक्का की कीमत पिछले साल 18 रुपये प्रति किलो थी, जो इस साल बढ़कर 34 रुपये प्रति किलो हो गई है.
तो वहीं टूटा चावल पिछले साल इसी समय में 14-15 रुपये प्रति किलो था, जो इस साल बढ़कर 31-32 रुपये प्रति किलो हो गया है.
मक्का की कीमत एक महीने पहले करीब 26-27 रुपये प्रति किलो थी.
अब इसके दिसंबर तक 40 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है.
वहीं, टूटे चावल की कीमत भी एक महीने में 22-23 रुपये से बढ़कर 31-32 रुपये प्रति किलो हो गई है.
क्यों बढ़ रहे हैं पोल्ट्री फीड के दाम?
मक्का और टूटे चावल की कीमतें बढ़ने के पीछे कई वजहें हैं, जिसमें से एक है कमजोर मानसून.
महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में इस साल मानसून कमजोर रहने से मक्का की पैदावार प्रभावित हुई है.
उद्योग के अनुमान के मुताबिक, देश में खरीफ मक्का का उत्पादन 15-16% तक घट सकता है.
तो वहीं मक्का का इस्तेमाल अब एथेनॉल बनाने में भी बढ़ रहा है.
इससे पोल्ट्री फीड बनाने वाली कंपनियों के लिए मक्का की उपलब्धता कम हो रही है. इसके अलावा
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar