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अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र और स्टार्टअप के विकास में भारत-फ्रांस अंतरिक्ष सहयोग की भूमिका महत्वपूर्ण

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 28 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र और स्टार्टअप के विकास में भारत-फ्रांस अंतरिक्ष सहयोग की भूमिका महत्वपूर्ण

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि मानव अंतरिक्ष उड़ान, स्टार्टअप और नए अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारत-फ्रांस अंतरिक्ष सहयोग ने एक नए चरण में प्रवेश किया है। डॉ. सिंह ने आज नई दिल्ली में फ्रांस के उच्च शिक्षा, अनुसंधान और अंतरिक्ष मंत्री फिलिप बैपटिस्ट के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान यह बात कही।

डॉ. सिंह ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंध अब सरकारों, अनुसंधान संस्थानों, उद्योगों और स्टार्टअप को एक साथ लाकर, तेजी से बढ़ते अंतरिक्ष क्षेत्र में भागीदारी के माध्यम से एक व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत-फ्रांस अंतरिक्ष साझेदारी छह दशकों से अधिक पुरानी है, जिसमें रॉकेट प्रयोगों से लेकर गगनयान और संयुक्त उपग्रह मिशन तक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में चल रहे परिवर्तन ने दोनों देशों के लिए सरकारी संस्थानों और स्थापित एजेंसियों से परे सहयोग का विस्तार करने की नई संभावनाएं पैदा की हैं।

भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधारों और निजी पारिस्थितिकी तंत्र के विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 400 से अधिक भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप अब रॉकेट निर्माण, उपग्रह निर्माण और अंतरिक्ष अनुप्रयोगों सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं। उन्‍होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग के अगले चरण में दोनों पक्षों के सरकारी संस्थानों, उद्योगों और स्टार्टअप्स को एक साथ लाया जा सकता है, जिससे एक व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र और संसाधनों का विस्तृत भंडार तैयार होगा। डॉ. सिंह ने अंतरिक्ष क्षेत्र में सरकार, उद्योग और स्टार्टअप्स के बीच व्यापक सहयोग की भी वकालत की।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।