अर्नब चक्रवात से सक्ती में फसलों को नुकसान, प्रभावित किसानों को मुआवजा और बीमा लाभ दिलाने के निर्देश
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अर्नब चक्रवात का असर छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में भी देखने को मिल रहा है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में तेज हवाओं और बारिश के कारण किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। इसे देखते हुए कलेक्टर ने सभी एसडीएम, तहसीलदार, कृषि विभाग सहित संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को वास्तविक फसल क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा और फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने के लिए कहा गया है।
प्रभावित गांवों में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों, ग्राम सचिवों और कोटवारों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत भारत सरकार के टोल फ्री नंबर 14447 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। बीमित किसान फसल क्षति होने की स्थिति में 72 घंटे के भीतर इस टोल फ्री नंबर पर इसकी सूचना दर्ज करा सकते हैं।
कृषि विभाग के उप संचालक तरुण कुमार प्रधान ने बताया कि किसानों से सूचना मिलने के बाद बीमा कंपनी के प्रतिनिधि और कृषि विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर फसल क्षति का सर्वेक्षण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यदि फसल कटाई के बाद खेतों में सुखाने के लिए रखी गई या बंडलों में सुरक्षित रखी गई फसल को नुकसान पहुंचा है, तो उसका आकलन कर नियमानुसार 15 दिनों के भीतर दावा भुगतान किया जाएगा। वहीं, खड़ी फसलों को हुए नुकसान का आकलन फसल कटाई प्रयोग से प्राप्त औसत उपज के आधार पर किया जाएगा।
चक्रवात से प्रभावित मालखरौदा विकासखंड के बंदोरा गांव के किसानों ने बताया कि वे अपनी पूरी पूंजी लगाकर खेती करते हैं। ऐसे में चक्रवात के कारण फसलों को हुए नुकसान से उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने शासन-प्रशासन से उचित मुआवजा देने की मांग की है। प्रभावित किसानों ने फसल क्षति की शिकायत टोल फ्री नंबर पर भी दर्ज कराई है।
जिला प्रशासन ने प्रभावित किसानों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर फसल क्षति की सूचना दर्ज कराने की अपील की है, ताकि सर्वेक्षण के बाद पात्र किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और नियमानुसार राहत का लाभ मिल सके।
बाइट – 1: नवधा लालू वर्मा, किसान बाइट – 2: राजू गबेल, किसान
बाइट – 3: आनंद प्रकाश पटेल, किसान बाइट – 4: सुरेश कुमार, किसान
बाइट – 5: तरुण कुमार प्रधान, उप संचालक, कृषि विभाग, सक्ती