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अरुणाचल प्रदेश में भारत-म्यांमार सीमा पर उग्रवादी हमला:चांगलांग में असम राइफल्स का जवान शहीद, 4 घायल

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 29 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
अरुणाचल प्रदेश में भारत-म्यांमार सीमा पर उग्रवादी हमला:चांगलांग में असम राइफल्स का जवान शहीद, 4 घायल

अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग में भारत-म्यांमार सीमा के पास मंगलवार को उग्रवादी हमले में असम राइफल्स का एक जवान शहीद हो गया।हमले में चार जवान घायल हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यह हमला भारत-म्यांमार सीमा के पास अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग में हुआ। मामले को संदिग्ध उग्रवादी हमला बताया गया है।

प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चला है कि संदिग्ध उग्रवादियों ने गश्ती दल पर गोलीबारी की, जिसमें हवलदार जानखोकाई कुकी (42) शहीद हो गए और चार अन्य घायल हो गए। घायल जवानों को इलाज के लिए ले जाया जा रहा था। हमला चांगलांग जिले के नामपोंग सर्कल में नामपोंग नाले के पास सुबह करीब 6:30 बजे हुआ।

1 असम राइफल्स के जवान उस इलाके में गश्त कर रहे थे जहां सीमा पर बाड़ लगाने का काम चल रहा है। हमला NSCN-K-YA गुट ने किया शुरुआती जांच और खुफिया रिपोर्टों से पता चलता है कि घात लगाकर किए गए हमले के लिए NSCN-K-YA (नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड का युंग आंग गुट) के उग्रवादी जिम्मेदार हैं।

हमले के बाद, भारतीय सेना और जिला पुलिस ने तुरंत इलाके की घेराबंदी की और भाग रहे उग्रवादियों को पकड़ने के लिए आस-पास के जंगलों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। सुरक्षा बलों ने इलाके में अभियान तेज किया पूर्वोत्तर सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।अधिकारी ने कहा कि घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में अभियान तेज कर दिया है।

चांगलांग के एसपी किर्ली पाडु ने कहा कि उन्हें घटना के बारे में जानकारी मिली है और उन्होंने चांगलांग पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को विवरण इकट्ठा करने का निर्देश दिया है। चांगलांग जिले में भारत-म्यांमार सीमा क्षेत्र में और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार सक्रिय विद्रोही समूहों की आवाजाही के कारण संवेदनशील बनी हुई है।

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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हमारे देश के वीर जवानों की शहादत और घायल होने की खबर हमें याद दिलाती है कि शांति और संवाद का मार्ग ही सबसे सशक्त है। जब भी संघर्ष की जड़ें उभरें, तो संवाद, कूटनीति और सामुदायिक सहयोग से समाधान खोजें। समाज को एकजुट होकर एक-दूसरे का सहारा बनना चाहिए, ताकि हिंसा की जगह समझ और सहनशीलता की जगह हो। शहीद जवानों की याद में हम सभी को शांति के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए।

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