राजनीति

अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से लिया संन्यास

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 16 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से लिया संन्यास

सितंबर 10, नई दिल्ली: बसपा सुप्रीमो मायावती की आपत्ति के बाद आकाश आनंद के ससुर और पूर्व बसपा सांसद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। आज सुबह उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। मायावती को संबोधित करते हुए उन्होंने लिखा, "बहन जी का हर आदेश मेरे लिए अंतिम है।" उन्होंने आकाश आनंद को गुमराह करने और पार्टी पर कब्जे की कोशिश के आरोपों को साजिश बताया।

अशोक सिद्धार्थ ने यह भी कहा कि उनके संन्यास को आकाश आनंद की वापसी से न जोड़ा जाए। आकाश पहले मायावती के भतीजे हैं, बाद में उनके दामाद। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मौजूदगी बहुजन मिशन को नुकसान पहुंचा रही है तो वह इसी वक्त राजनीतिक और सामाजिक जीवन से संन्यास लेने को तैयार हैं।

वहीं, मायावती ने अशोक सिद्धार्थ के फैसले का स्वागत करते हुए इसे पार्टी और बहुजन मूवमेंट के हित में बताया है। उन्होंने इसे बहुत देर से उठाया गया सही कदम बताया। इससे पहले मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी देने के लिए उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से पूरी तरह संन्यास लेने की शर्त रखी थी। उन्होंने कहा था कि अब भी अशोक सिद्धार्थ के पास मौका है कि वे अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा छोड़कर पूरी तरह राजनीति से संन्यास ले लें। इसके बाद ही उनके दामाद आकाश आनंद को पार्टी की जिम्मेदारियां वापस देने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा सकता है।

अशोक सिद्धार्थ (फाइल फोटो)

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।