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Asian Games 2026: निशानेबाज सोनम मस्कर की कहानी, पिता का कारोबार ठप हुआ तो बेचनी पड़ी जमीन-दुकान, अब बेटी ने एशियन गेम्स में जीता सिल्वर

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 21 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
Asian Games 2026: निशानेबाज सोनम मस्कर की कहानी, पिता का कारोबार ठप हुआ तो बेचनी पड़ी जमीन-दुकान, अब बेटी ने एशियन गेम्स में जीता सिल्वर

Asian Games 2026: आर्थिक मुश्किलों के बीच परिवार ने अपने बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए जमीन और दुकान तक बेच दी, लेकिन हौसला नहीं टूटने दिया.

इसी संघर्ष के बीच कड़ी मेहनत कर भारतीय निशानेबाज सोनम मस्कर ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में भारत के लिए रजत पदक जीतकर परिवार का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया.

एशियन गेम्स में पदक जीतने के बाद सोनम ने न केवल अपने परिवार, बल्कि कोल्हापुर और महाराष्ट्र का भी नाम रोशन किया है. भारतीय टीम ने इस स्पर्धा में कुल 1898.0 अंक हासिल कर सिल्वर मेडल अपने नाम किया.

टीम में सोनम मस्कर ने 634.1 अंक हासिल करते हुए क्वालिफिकेशन राउंड में तीसरा स्थान हासिल किया. सोनम की इस उपलब्धि के पीछे उनके परिवार का लंबा संघर्ष छिपा है.

मस्कर परिवार कई साल पहले कारोबार के सिलसिले में मुंबई में जाकर बस गया था.

बच्चों की पढ़ाई भी अच्छी चल रही थी, लेकिन कोरोना महामारी ने परिवार की परिस्थितियां बदल दीं.

लॉकडाउन के दौरान पिता का कारोबार ठप हो गया और परिवार को पढ़ाई अधूरी छोड़कर कोल्हापुर स्थित अपने गांव लौटना पड़ा.

कारोबार बंद हुआ तो बेचने पड़े टैंकर गांव लौटने के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट गहरा गया. आजीविका के लिए इस्तेमाल होने वाला एक टैंकर बेचना पड़ा.

इसके बाद अगले दो-तीन वर्षों में आर्थिक परेशानियां और बढ़ीं और परिवार को एक और टैंकर बेचना पड़ा.

बच्चों की पढ़ाई और सोनम के शूटिंग उपकरणों में किसी तरह की कमी न आए, इसके लिए परिवार ने अपनी साढ़े 10 गुंठे जमीन और गडहिंग्लज स्थित दुकान तक बेच दी.

माता-पिता ने आर्थिक परेशानियां झेलीं, लेकिन बच्चों के सपनों के रास्ते में आर्थिक संकट को बाधा नहीं बनने दिया. सोनम के पिता उत्तम मस्कर ने और क्या बताया?

सोनम के पिता उत्तम मस्कर ने बताया कि उनकी बेटी ने 11वीं कक्षा में राइफल शूटिंग को चुना था.

इस खेल में खर्च अधिक था, लेकिन सोनम ने अपनी मां से बात की और शुरुआती दो महीनों में ही स्टेट लेवल की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया. इसके बाद उनकी इस खेल में रुचि और बढ़ गई.

उत्तम मस्कर के मुताबिक, उन्होंने सोनम से कहा था कि 12वीं की परीक्षा के बाद ही वह इस खेल को आगे जारी रख सकती हैं. लॉकडाउन के दौरान कारोबार बंद होने के बाद परिवार को गांव लौटना पड़ा.

बाद में कोल्हापुर की वेद एकेडमी में राधिका मैडम और रोहित सर के मार्गदर्शन में सोनम ने अपनी बुनियाद मजबूत की.

इसके बाद उनका चयन एनसीओई में हुआ और फिलहाल वह दिल्ली में प्रशिक्षण ले रही हैं. 2028 ओलंपिक में गोल्ड पर नजर एशियन गेम्स में रजत पदक जीतने के बाद सोनम ने अपना अगला लक्ष्य भी स्पष्ट कर दिया है.

उन्होंने कहा कि 2028 के ओलंपिक खेलों में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना उनका मुख्य लक्ष्य है और इसके लिए वह अभी से कड़ी मेहनत और तैयारी कर रही हैं.

📡 स्रोत: NewsData.io

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