अयोध्या के सभी तहसीलों में समाधान दिवस:अधिकारियों ने सुनी समस्याएं, सड़क ,राजस्व, राशन कार्ड से जुड़े रहे अधिक मामले
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →अयोध्या जिले की सभी तहसीलों में शनिवार को संपूर्ण तहसील समाधान दिवस का आयोजन किया गया।इस दौरान फरियादियों ने राशन न मिलने, सड़क क्षतिग्रस्त होने और अस्पताल में पर्चा बनवाने के नाम पर निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली सहित विभिन्न समस्याओं की शिकायतें अधिकारियों के सामने रखीं। अधिकारियों ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
रुदौली तहसील सभागार में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में समाधान दिवस आयोजित हुआ। यहां एसडीएम विनोद गुप्ता, तहसीलदार विजय गुप्ता समेत जिला और तहसील स्तरीय अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। सोहावल तहसील में मुख्य राजस्व अधिकारी डॉ.
गजेंद्र कुमार, प्रशिक्षु आईएएस आदित्य विक्रम अग्रवाल और तहसीलदार प्रदीप सिंह ने शिकायतों की सुनवाई की। वहीं, मिल्कीपुर तहसील में एडीएम प्रशासन विशु राजा, एसडीएम पवन कुमार शर्मा और तहसीलदार राजीव कुमार वर्मा ने लोगों की समस्याएं सुनीं। किनौली गांव की नीलम, गीता देवी, श्रीदेवी और मंजू ने शिकायत की कि कोटेदार तीन महीने से राशन नहीं दे रहा है, जबकि उनसे अंगूठा लगवा लिया गया है।
राशन मांगने पर कोटेदार ने एक साथ राशन देने की बात कही थी, लेकिन अब तक राशन नहीं मिला। एडीएम प्रशासन ने पूर्ति निरीक्षक को मामले में कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बकचुना गांव निवासी पवन शुक्ला ने शिकायत की कि बाबा भीख दास से बकचुना होते हुए मां कामाख्या भवानी के नाम से पीडब्ल्यूडी की ओर से दो-तीन महीने पहले सीसी सड़क बनवाई गई थी।
रुदौली क्षेत्र से डंपरों के जरिए मिट्टी लाकर सड़क से भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है। इससे हादसे का खतरा बढ़ गया है। एडीएम प्रशासन ने एसडीएम मिल्कीपुर और खंडासा थानाध्यक्ष को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। परसपुर सथरा गांव निवासी दूधनाथ ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैरिंग्टनगंज में ओपीडी पर्चे के नाम पर दो रुपये लेने का आरोप लगाया।
उन्होंने बताया कि अधीक्षक से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। एसडीएम ने आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण किया जाए। इसमें लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
📡 स्रोत: NewsData.io