राज्य

'बड़े भाई को छोटे भाई-बहनों की जमीन बेचने का हक नहीं था लेकिन...' 1975 में खरीदी 4 बीघा जमीन पर हाईकोर्ट का फैसला

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 11 अक्टूबर 2026 👁️ 2 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
'बड़े भाई को छोटे भाई-बहनों की जमीन बेचने का हक नहीं था लेकिन...' 1975 में खरीदी 4 बीघा जमीन पर हाईकोर्ट का फैसला

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कहा कि प्रतिवादियों ने कानून द्वारा तय समय के भीतर बिक्री को चुनौती नहीं दी.

उन्हें बालिग होने के बाद या तरुबाला साहा को जमीन सौंपे जाने के बाद तय समय के भीतर अपना दावा पेश करना चाहिए था.

कोर्ट ने कहा कि इतनी लंबी देरी का मतलब था कि वे अब सेल डीड को रद्द करने या जमीन वापस पाने का दावा नहीं कर सकते थे.

📡 स्रोत: News18 Hindi

📰 पूरी खबर पढ़ें (News18 Hindi पर जाएं)

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर गुवाहाटी हाईकोर्ट के एक फैसले के बारे में है, जिसमें बड़े भाई को छोटे भाई-बहनों की जमीन बेचने का अधिकार नहीं था, पर 1975 में खरीदी गई 4 बीघा जमीन पर अदालत ने फैसला दिया कि प्रतिवादियों ने समय पर चुनौती नहीं दी। यह विषय महत्वपूर्ण है क्योंकि यह परिवारिक संपत्ति के अधिकारों और कानूनी समयसीमा के पालन को उजागर करता है। यदि ऐसे मामलों में समय पर दावा नहीं किया जाता, तो जमीन के स्वामित्व के अधिकार समाप्त हो सकते हैं। आम जनता के लिए यह चेतावनी है कि संपत्ति के विवादों में समय पर कानूनी कदम उठाना

J
JKS News Desk

जनता का संदेश की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।