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बड़वानी- जिले के सेंधवा में रावण के साथ कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का हुआ दहन, इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी से जगमगाया आसमान

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 21 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
बड़वानी- जिले के सेंधवा में रावण के साथ कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का हुआ दहन,  इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी से जगमगाया आसमान

ड़वानी, दशहरे पर दिखा भव्यता और उत्साह का अनूठा संगम! पहली बार एक साथ जले रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के विशाल पुतले। 71 फीट ऊंचे रावण के दहन और आसमान में छाई रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने हजारों लोगों को रोमांचित कर दिया। रावण दहन कार्यक्रम में अनुसूचित जनजाति आयोग राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल।

Voice over: असत्य पर सत्य की विजय... अधर्म पर धर्म की जीत... और बुराई पर अच्छाई का संदेश! बड़वानी जिले के सेंधवा में विजयादशमी का पर्व इस बार नए इतिहास का गवाह बना। दशहरा मैदान में पहली बार रावण के साथ कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया गया। 71 फीट ऊंचे रावण और 41-41 फीट के कुंभकरण व मेघनाथ के विशाल पुतले लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।

दिनेश गंज दारू गोदाम एकता संगठन एवं कॉटन व्यापारी एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम से पहले दिनेश गंज से भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में सूर्पणखा का 11 फीट ऊंचा पुतला भी आकर्षण का केंद्र रहा। वहीं, गुजरात के अहमदाबाद से आई इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी ने आसमान को रंग-बिरंगी रोशनी से भर दिया।

आतिशबाजी की गूंज, दर्शकों की तालियां और जय श्रीराम के जयघोष के बीच तीनों पुतलों का दहन हुआ, तो पूरा दशहरा मैदान उत्साह से गूंज उठा। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वरिष्ठ भाजपा नेता संजय यादव सहित जनप्रतिनिधियों और हजारों शहरवासियों की उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता बढ़ाई।

सेंधवा में पहली बार तीनों पुतलों का दहन केवल आकर्षण ही नहीं, बल्कि विजयादशमी के उस शाश्वत संदेश का प्रतीक बना कि अहंकार कितना भी विशाल क्यों न हो, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है। अंतर सिंह आर्य ने दशहरा मैदान पर मंच से रावण दहन देखने आए हजारो लोगो सहित देश व प्रदेशवासियों को दशहरे की शुभकामनाएं प्रेषित की।

वॉक थ्रू संदीप कुशवाह स्ट्रिंगर

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सेंधवा में पहली बार रावण के साथ कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का दहन

71 फीट ऊंचे रावण और 41-41 फीट के कुंभकरण-मेघनाथ के पुतले बने आकर्षण का केंद्र

इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी से जगमगाया आसमान, हजारों लोगों ने देखा भव्य दशहरा उत्सव

भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान की शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य की मौजूदगी में हुआ भव्य आयोजन

💡 पृष्ठभूमि (Background)

सेंधवा में दशहरे के दिन रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के विशाल पुतले एक साथ जले, जिससे यह कार्यक्रम एक अनूठा सांस्कृतिक अनुभव बन गया। यह आयोजन स्थानीय परंपरा को उजागर करता है और धार्मिक उत्सवों के साथ आधुनिक तकनीक—इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी—को जोड़कर दर्शकों को नया दृश्य प्रस्तुत करता है। इस प्रकार के बड़े पैमाने पर पुतले दहन से क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होती है और पर्यटन को बढ़ावा मिलता है। आम जनता के लिए यह कार्यक्रम न केवल मनोरंजन का स्रोत है, बल्कि समाज में एकजुटता और धार्मिक आस्था को भी सुदृढ़

🎙️ जनता का संदेश का मत

दशहरे के पुतले जले, परंतु यह केवल परंपरा की रौशनी नहीं, समाज की एकजुटता का प्रतीक होना चाहिए। यदि किसी विवाद में हिंसा का सहारा लिया जाए, तो संवाद, मध्यस्थता और कानूनी मार्ग अपनाएँ। हिंसा से न केवल शारीरिक क्षति होती है, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर भी नष्ट होती है। हमें अपने उत्सवों में शांति, सहिष्णुता और परस्पर सम्मान को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि भविष्य की पीढ़ियाँ भी एक साथ मिलकर उज्ज्वल भविष्य बना सकें।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।